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  • Preliminary Investigations Revealed That It Was A Land Dispute Case

काला मुंह कर गधे पर घुमाने का मामला, बयान से पलटी पीड़िता

7 वर्ष पहले
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आरोप लगाने वाली हरी बाई।
भीलवाड़ा. राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में 5 दिसंबर को एक 70 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया था कि उसे गांव के ही लोगों ने डायन बता मुंह काला करके गधे पर घुमाया था। लेकिन जांच के बाद सामने आया है कि महिला ने जमीन के विवाद में झूठा मामला दर्ज कराया था। एक दिन बाद ही वृद्धा परिवार वालों के सामने ही इस बयान से पलट गई और मामले की जांच कर रहे रायपुर थाना प्रभारी भज्जूराम गुर्जर के सामने भी स्वीकार किया कि उसने झूठा आरोप लगाया।
वृद्धा 5 दिसंबर को अपनी भतीजी के साथ भीलवाड़ा पहुंची, लेकिन वहां पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं करवा सकी। बाद में वह वापस अपने गांव चली गई। इसके बाद वह फिर अपनी भतीजी प्रेम गुर्जर उसके पति पेमा गुर्जर के साथ सिटी कंट्रोल रूम स्थित महिला सुरक्षा सलाह केंद्र पहुंची। वहां उसने बताया कि गत 23 नवंबर को गांव के ही गोपी गुर्जर, होराम, शंकर गुर्जर आदि उसे एक बाड़े में ले गए और खूंटे से बांध कर उसके साथ मारपीट की। नाक से नथ और गले से हंसुली भी छीन ली। छीनाझपटी में उसकी नाक भी कट गई।
उन लोगों ने उसके कपड़े उतरवा कर मुंह काला कर गधे पर बैठाया और गांव में घुमाया। डायन कह कर प्रताड़ना दी। हाथ-पैर बांध कुएं में डालने का प्रयास करने के साथ ही घर का सामान भी लूट लिया। अगले दिन भी दयाराम गुर्जर और उसके बेटे सुरेश नारायण गुर्जर ने उसे घर से चौपाल तक गधे पर बैठा कर ले गए। फिर मारपीट कर एलान किया कि गांव का कोई भी व्यक्ति वृद्धा से बात नहीं करेगा। उसे शरण नहीं देगा। ऐसा करने पर पंचों द्वारा एक लाख रुपए जुर्माना लगाया जाएगा।
जमीन का विवाद है असली जड़
हरी बाई का कहना था कि पंचायत ने उसे अपनी 30 बीघा जमीन और दो कुएं गांव के नाम करने का फरमान सुनाया था। इससे डरी वृद्धा भतीजी प्रेम के पास करणिया पहुंची। कुछ दिन बाद समाज के लोग करणिया पहुंच गए और प्रेम से दंड स्वरूप एक लाख रुपए मांगने लगे। प्रेम को पंचों ने चेतावनी दी कि पुलिस में रिपोर्ट दी तो सभी को जान से मार देंगे। इसके बाद ही शुक्रवार को वह महिला सलाह सुरक्षा केंद्र पहुंची।
हरी बाई 30 बीघा जमीन की मालिक
महिला सलाह सुरक्षा केंद्र प्रभारी तारा अहलुवालिया ने बताया कि वृद्धा के नाम गांव में 30 बीघा जमीन और दो कुएं हैं। कोई औलाद नहीं होने से उसने जमीन भतीजी प्रेम के नाम कर रखी है, जो समाज के लोगों को नागवार गुजरती रही है। उन्होंने वृद्धा को डायन कह कलंकित कर गांव से बेदखल करने का प्रयास किया।
पंचों ने लगाई हरीबाई की जमीन खरीदने पर रोक
चौहानों के कमेरी गांव की वृद्धा हरी बाई को मुंह काला कर गधे पर घुमाने के मामले में 6 दिसंबर को भास्कर में खबर छपने के बाद कलेक्टर डॉ. रविकुमार सुरपुर ने तहसीलदार माघीवाल रायपुर और थाना प्रभारी भज्जूराम गुर्जर को मौके पर भेजा। तहसीलदार और पुलिस ने ग्रामीणों से घटना के बारे में जानकारी ली। वहीं, थाना प्रभारी ने राजसमंद जिले के खरनिया जाकर वृद्धा के बयान लिए।
करेड़ा तहसीलदार माघीवाल रायपुर थाना प्रभारी गुर्जर ने जांच में पाया था कि डेढ़ वर्ष से पीड़िता भतीजी प्रेम गुर्जर के ससुराल खरनिया (राजसमंद) में रह रही है। तहसीलदार ने हरी बाई की जमीन के रिकॉर्ड की जांच कराई। इस जमीन पर उसके ही परिवार के दयाराम और उनके पुत्रों ने कब्जा कर रखा है। हरी बाई ने अपने हिस्से की जमीन की रजिस्ट्री दस महीने पहले भतीजी प्रेम के नाम कर दी थी। इस जमीन के नामांतरण खोलने पर दयाराम ने स्थगन आदेश ले लिया।
तहसीलदार ने बताया कि वृद्धा की जमीन पर जिसका भी कब्जा है, उसे हटाकर वृद्धा को कब्जा दिलाया जाएगा। वहीं, रायपुर थाना प्रभारी गुर्जर का कहना है कि उन्होंने हरी बाई के खरनिया जाकर बयान लिए गए हैं। 23 नवंबर को वह अपने गांव गई थी, जहां समाजजनों ने जमीन किसी अन्य द्वारा खरीदने पर पाबंदी लगा दी। साथ ही, यह भी फरमान जारी किया कि जमीन खरीदने वाले पर जुर्माना लगेगा।
दर्ज किया मुकदमा
रायपुरथाना प्रभारी गुर्जर ने बताया कि हरी बाई गुर्जर द्वारा महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र पर दी गई रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। इस रिपोर्ट में गोपी, शोराम, शंकर, धरमू,पन्ना, जग्गू, पारस, दयाराम, सुरेश, नारायण को आरोपी बनाया गया है। हरी बाई ने इन पर घर से घसीटते हुए ले जाने, बांधकर मारपीट करने, गहने छीनने, मुंह काला कर गधे पर बैठाकर गांव में घुमाने, डायन कहकर प्रताड़ित करने, कुएं में गिराने का प्रयास करने और घर में रखा सामान लूटने के आरोप लगाए हैं।
23 नवंबर को पंचायत ने हरी बाई की जमीन बेचने पर रोक लगा दी और फरमान जारी कर दिया कि जो भी जमीन खरीदेगा, वह समाज के पंचों की नजर में दोषी माना जाएगा। पटवारी भागचंद मीणा की रिपोर्ट के अनुसार, हरी बाई की जगदीश ग्राम के नजदीक 53 बीघा सामलाती जमीन में से 14 बीघा चौहानों की कमेरी में सामलाती भूमि में से चार बीघा जमीन है। असल विवाद यही है कि वह इस जमीन को किसी और को ना दे। उल्लेखनीय है कि महिला की भतीजी प्रेम ने कुछ दिन पूर्व इस जमीन में से एक बीघा जमीन बेच दी थी। इसे लेकर भी विवाद चल रहा है।

कलेक्टर बोले
कलेक्टर डॉ. रविकुमार सुरपुर का कहना है कि हरी बाई का मामला जमीन विवाद से जुड़ा है। करेड़ा तहसीलदार को गांव में भेजा है। वहां महिला नहीं रहती। वह राजसमंद में रहती है। तहसीलदार ने गांव वालों से भी बात की। पता चला कि महिला का गोद लिया पुत्र तथा अब वह जिसके नाम जमीन करना चाहती है, उनमें विवाद है। शपथ पत्र के आधार पर एसपी ने थानाधिकारी को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दे दिए थे। बहरहाल, मुंह काला कर गधे पर घुमाने के बयान से पलट जाने के कारण इस आरोप में मामला दर्ज नहीं होगा।