निजी एजेंसी करेगी बीएड कॉलेजों का मूल्यांकन

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बीएड-एमएडसहित बीएसटीसी पाठ्यक्रम चलाने वाले निजी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों पर राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने नए नियमों के साथ नकेल कसने की तैयारी कर ली है। एनसीटीई अध्यादेश 2017 के नियमों के तहत शिक्षण प्रशिक्षण मुहैया कराने वाले संस्थानों को अब क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यू.सी.आई.) से सतत एवं व्यापम मूल्यांकन कराकर ग्रेड लेना अनिवार्य होगा।

क्यूसीआई की ग्रेडिंग के आधार पर संस्थानों को मान्यता का फैसला किया जाएगा। ‘डी’ ग्रेड मिलने पर संबंधित संस्थान की मान्यता रद्द की जाएगी। ‘सी’ ग्रेड वाले संस्थानों को सुधार के लिए एक साल का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। वहीं ‘ए’ और ‘बी’ ग्रेड केटेगरी प्राप्त संस्थानों को राष्ट्रीय योजना के लाभ प्राप्त होंगे।

एनसीटीई ने क्यूसीआई से ग्रेडिंग कराने के लिए सभी संस्थानों को 31 जुलाई तक आवेदन करने के निर्देश दिए हैं। उधर, एनसीटीई के इस फैसले का निजी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों ने विरोध किया है। संचालकों का कहना है कि एक प्राइवेट एजेंसी से बीएड कॉलेजों का मूल्यांकन करवाना न्यायोचित नहीं है। संचालक राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) से मूल्यांकन करवाने की मांग कर रहे हैं।

सौ अंकों की होगी ग्रेडिंग

संस्थानोंकी ग्रेडिंग 100 अंकों के आधार पर होगी। जिसमें सबसे ज्यादा वरियता 40 प्रतिशत लर्निंग आउटकम को दी गई है। इसके अलावा 30 प्रतिशत शिक्षण अधिगम गुणवत्ता, 20 प्रतिशत शैक्षिक सत्यापन और 10 प्रतिशत अंक भौतिक सत्यापन के लिए निर्धारित किए गए हैं।

^ क्यूसीआई से मूल्यांकन कराने का फैसला न्यायोचित नहीं है। एक प्राइवेट एजेंसी से बीएड कॉलेजों का निरीक्षण कराने से भ्रष्टाचार बढ़ेगा। इसे संस्थानों की ग्रेडिंग में पारदर्शिता नहीं रहेगी। डॉ.राजेंद्रश्रीमाली, शिक्षाविद्

^एनसीटीई को इस विषय पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। सभी संस्थानों के लिए निरीक्षण संबंधी शुल्क की राशि 1.50 लाख रुपए निर्धारित की है जो गलत है। कुलदीपयादव, संचालक, मुरली सिंह यादव बीएड कॉलेज, उदयरामसर

खबरें और भी हैं...