नहीं दिख रहा पैंथर
लूणकरणसरक्षेत्र में पैंथर तीन दिन से सामने नहीं रहा है। सिर्फ पदचिन्ह ही सुराग के रूप में मिल रहे हैं। दो दिन पहले हरियासर के पास सुराग मिला और बुधवार को आरडी 264 के आसपास। गुरुवार को कोई सुराग नहीं मिला। टीम भी अब हताश होने लगी है।
दो सप्ताह से वन विभाग की रेस्क्यू टीम और पैंथर के बीच लुकाछिपी का खेल चल रहा है। हालांकि अब तक शिकार की खबर नहीं आई। वन अधिकारियों के अनुसार पैंथर अब जंगली जानवरों और सुअर का शिकार कर भूख मिटा रहा है। इस कारण वह गांव-ढाणी की ओर नहीं जा रहा। इसके अलावा पटाखों और ढोल नगाड़ों की आवाज से भी वह गांव की ओर नहीं रहा है बावजूद इसके गांव में दहशत बनी हुई है। स्थानीय लोगों को पैंथर के पकड़े जाने का इंतजार है। दहशत का असर है कि लोगों ने पगडंडियों पर चलना छोड़ दिया है। सीधे रास्ते जा रहे हैं। रात में ग्रुप में लोग खेतों में काम करने जाते हैँ। डीएफओ रामनिवास कुमावत का कहना है कि टीम अपना काम कर रही है और उम्मीद है कि पैंथर अब क्षेत्र छोड़ जाएगा।