पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • केसर भरिया बाटको...

केसर भरिया बाटको...

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पचरंगीइंद्रध्वज। दर्जनभर सजे-धजे ऊंट। बैलगाड़े पर बजता नगाड़ा और साथ चल रहे चपरास सूरज, चांद और अंकित छड़ी के साथ गूंजते भगवान महावीर के जैकारे। ‘चंद की दो चौकियां पुष्पन के दो हार, केसर भरियो बाटको पूजा नेम कुमार...’ के साथ जैसे-जैसे भजन मंडलियां आगे बढ़ती जा रही थी माहौल महावीर मय हो रहा था।

मौका था कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर बैदों के महावीरजी से निकली भगवान महावीर की सवारी का। सवारी में भगवान चांदी के खामोजी सिंहासन पर भगवान महावीर की चांदी की प्रतिमा रखी थी। बैदों के महावीर मंदिर ट्रस्ट की ओर से सुबह 10 बजे सवारी निकालने से पहले साध्वीवृंद ने चैत्य वंदन किया तथा मंगल पाठ किया। साध्वीश्री मनोरंजनाश्री, सुभद्राश्री, वसुंधराश्री, ज्ञानोदया सिद्धोदया आदि ने शांति स्त्रात पूजन, मंगलदीप आरती की। बैदों के महावीरजी मंदिर ट्रस्ट के मंत्री सुरेश बैद ने बताया कि सवारी में भगवान महावीर के जीवन आदर्श से जुड़ी 14 झांकियां सजाई गई। दो बैंडों पर नंवकार मंत्र की धुन बज रही थी। सवारी के साथ-साथ निराले बाबा भी चले।

आसािणयों के चौक में भजन प्रस्तुत करती भजन मंडली।

इन मोहल्लों से गुजरी सवारी

बैदोंके महावीरजी से सिपाणियों, बांठियों का मोहल्ला, आसाणियों का चौक, रामपुरिया, राखेचा, सिहाणी गोलछा, नाहटा, मालू, बोथरा, मुकिम बोथरा, सेठिया मोहल्ला होते हुए कोटगेट, सुखलेचा कटले के रास्ते गंगाशहर रोड के पाश्र्वचंद दादाबाड़ी पहुंची। यहां से यह सवारी शनिवार को वापस रवाना होगी। सवारी में शामिल भजन मंडलियां रास्तेभर भजन गाती हुई चली। आसाणियों के चौक में श्री गोवर्द्धन नाथ सेवा समिति ने सवारी में शामिल लोगों के लिए चाय-नाश्ते की व्यवस्था की।

शत्रुंजय भाव यात्रा

बीकानेर।रांगड़ी चौक स्थित सुगनजी महाराज के उपासरे में साध्वी मनोरंजना श्री के सान्निध्य में साध्वीवृंद ने शंत्रुज्य तीर्थ की भाव यात्रा का आयोजन किया गया। इस मौके पर साध्वीवृंद ने कहा कि सिद्धाचल तीर्थराज की कार्तिक पूर्णिमा के दिन यात्रा करने से दस गुना फल मिलता है। शनिवार को चातुर्मासिक चतुर्दशी पर प्रवचन होगा। नौ नवंबर को साध्वीवृंद विहार करेंगी।