पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • 11 साल में खेलकूद पर ~ 1.82 करोड़ खर्च

11 साल में खेलकूद पर ~ 1.82 करोड़ खर्च

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बीकानेर। माध्यमिक शिक्षा में स्कूली खेलकूद पर 11 साल में एक करोड़ 82 लाख रुपए खर्च कर दिए। विभाग के लिए अब परेशानी खड़ी हो गई है। क्योंकि प्रधान महालेखाकार जनलेखा समिति ने इसका हिसाब मांग लिया है। माध्यमिक शिक्षा में खेलकूद पर खर्च हुई राशि की ऑडिट हुई थी, जिसमें पता चला कि पिछले 11 सालों में एक करोड़ 82 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। मामला प्रधान महालेखाकार जनलेखा समिति में पहुंचने पर जांच हुई तो खर्च को लेकर आक्षेप लगा दिए तथा इस संबंध में शिक्षा निदेशक से हिसाब मांगा है।
निदेशालय खेलकूद अनुभाग के उप निदेशक ओम प्रकाश सारस्वत ने सभी जिला शिक्षाधिकारियों को पत्र लिखकर वर्ष 2003-04 से लेकर 2013-14 तक जिले में खेलकूद पर खर्च की गई राशि का हिसाब भेजने के निर्देश दिए हैं। महालेखाकार ने सभी स्कूलों एवं छात्रों से शुल्क वसूली तथा अभिलेख संधारण की जानकारी मांगी। इसका प्रमाण पत्र भेजने को कहा है। अभिलेख संधारण नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
क्या है मामला : शिक्षा विभाग में स्कूली खेलकूद के लिए कक्षा छह से 12वीं तक के छात्रों से क्रीड़ा शुल्क लिया जाता है। यह शुल्क सामान्य वर्ग का पांच रुपए और ओबीसी, एससी एसटी वर्ग के लिए दो रुपए निर्धारित है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का बजट सरकार से ना मांगकर डीईओ इस राशि में से ही पैसा खर्च करते हैं। बताया जाता कि यह राशि डीईओ कार्यालय में अन्य कार्यों पर भी हो रही है।

सभी स्कूल जमा नहीं कराते पैसा : विडंबना यह है कि प्रत्येक स्कूल में छात्र से क्रीड़ा शुल्क वसूला तो जाता है लेकिन काफी स्कूल यह रकम डीईओ कार्यालय में जमा नहीं करवाते। इससे कई बार खेलकूद के लिए बजट कम पड़ने पर दानदाताओं से मदद मांगनी पड़ती है।
प्रधान महालेखाकार जनलेखा समिति ने मांगा हिसाब : ''प्रधान महालेखाकार जनलेखा समिति का आक्षेप है। सभी डीईओ को पत्र लिखकर जानकारी मांगी गई है।'' ओमप्रकाश सारस्वत, उपनिदेशक,खेलकूद ।