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पेंशन के लिए पैसे नहीं तो सरकार खुद को दिवालिया घोषित करे : हाईकोर्ट

7 वर्ष पहले
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जोधपुर। बीकानेरस्थित केशवानंद भारती राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के करीब 1100 सेवानिवृत्त प्रोफेसरों और कर्मचारियों को पेंशन का भुगतान नहीं किए जाने के मामले में सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट में फिर सुनवाई हुई। न्यायाधीश डॉ. विनीत कोठारी ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि सरकार के पास पेंशन का भुगतान करने के लिए पैसा नहीं है तो अपने आपको दिवालिया घोषित कर दे। याचिकाकर्ता सुरजाराम सुथार की ओर से अधिवक्ता मुकेश व्यास द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश कोठारी ने विश्वविद्यालय और सरकार द्वारा पेंशन नहीं देने के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार बताने पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि इस लड़ाई में भले ही पेंशनर भूखे मर जाएं, इसकी किसी को परवाह नहीं है। वित्त विभाग की ओर से विश्वविद्यालय को पेंशन के लिए अनुदान नहीं दिए जाने की पॉलिसी बताए जाने पर भी अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह कैसी बेहूदा नीति है।

अवमाननाकार्रवाई की सुनवाई तीन को

जोधपुर।वकीलोंकी हड़ताल के दौरान स्टाम्प रिपोर्टर शाखा में घुस कर फाइलें फाड़ने के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत जोशी सहित तीन पदाधिकारियों के विरुद्ध अवमानना कार्रवाई में अब तीन नवंबर को सुनवाई होगी।

याचिकाखारिज : हाईकोर्टने सरकार द्वारा गठित हाईपावर कमेटी की अनुशंसा पर बंद पड़ी खानें दुबारा शुरू करने को लेकर दायर की गई अवमानना याचिका खारिज कर दी।

आईआईएमके भू उपयोग परिवर्तन की स्वीकृति दी : हाईकोर्टजस्टिस संगीत लोढ़ा अरुण भंसाली की खंडपीठ ने सोमवार को आईएमएम उदयपुर के भू उपयोग परिवर्तन के प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए मंजूरी दे दी।