पांच डीईओ, सात बीईईओ को मिलेगी चार्जशीट
माध्यमिकशिक्षा के पांच जिला शिक्षाधिकारी और प्रारंभिक के सात ब्लॉक शिक्षाधिकारियों को चार्जशीट थमाई जाएगी। आरटीई के तहत निजी स्कूलों को शुल्क की राशि का पुनर्भरण नहीं करने पर शासन सचिव नरेश पाल गंगवार ने इस संबंध में आदेश दिए हैं।
शिक्षा विभाग की मंगलवार को हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान आरटीई के तहत गरीब बालकों को निशुल्क प्रवेश देने की एवज में निजी स्कूलों को फीस की राशि का पुनर्भरण करने का मामला आया। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के आरटीई सेल के सहायक निदेशक च्याणमल भार्गव ने बताया कि बारां, बूंदी, नागौर और बाड़मेर के जिला शिक्षाधिकारी, माध्यमिक तथा प्रारंभिक शिक्षा में बारां जिले के अटरू, छबड़ा, नागौर के डीडवाना, डेगाणा, मकराना, मूंडवा और परबतसर के बीईईओ ने अब तक पुनर्भरण की प्रक्रिया ही शुरू नहीं की है। इसके अलावा जयपुर के डीईओ ने 1237 में से अब तक केवल 427 निजी स्कूलों को ही भुगतान किया है। जबकि 15 अगस्त तक गरीब बालकों को निशुल्क प्रवेश देने वाली सभी निजी स्कूलों को भुगतान किया जाना था। शासन सचिव ने इसे गंभीरता से लेते हुए डीईओ और बीईईओ को चार्जशीट जारी करने के आदेश दिए हैं।
भवन विहीन विद्यालयों की समीक्षा
वीडियोकांफ्रेंसिंग के दौरान एकीकरण के बाद भवन विहीन हुए विद्यालयों की भी समीक्षा की गई। शासन सचिव ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। एकीकरण में मर्ज होने वाली अनेक स्कूलों के भवन अब खाली हो चुके हैं। इसके अलावा स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय बनाने के निर्देश भी वीसी में दिए गए हैं। नरेगा के तहत स्कूलों में खेल मैदान का निर्माण करवाने को भी कहा गया है।