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जेल में आनंदपालसिंह को मारने के लिए दी थी 50 लाख की सुपारी

7 वर्ष पहले
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पड़ताल | 3.50 लाख रुपए में खरीदा था विदेशी पिस्टल

बीकानेरजेल में कैदी आनंदपालसिंह को मारने का सौदा 50 लाख रुपए में तय हुआ था। इसके लिए जून में ही साजिश रच ली गई थी।

हार्डकोर क्रिमिनल सीकर के राजू ठेहट और नागौर निवासी आनंदपालसिंह में रंजिश चल रही है। इसी कारण राजू ठेहट ने आनंदपालसिंह को बीकानेर जेल में मरवाने की साजिश रची और इसके लिए उसने कैदी जयप्रकाश जांदू को 50 लाख रुपए की सुपारी दी। आनंदपालसिंह जून में बीकानेर जेल में था और उसी समय उसकी हत्या का सौदा तय हो गया था। जयप्रकाश ने आनंदपालिसंह को मारने के लिए विदेशी पिस्टल मांगी थी। राजू ठेहट की गैंग ने 3.50 लाख रुपए में 9एमएम की मेड इन यूएसए की पिस्टल और कारतूस खरीदे थे। जून माह में यह पिस्टल जेल में जयप्रकाश तक पहुंचाने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। आखिरकार 24 जुलाई को हनुमान जाखड़ और राजू ठेहट के भाई ओमप्रकाश ने जेल में विदेशी पिस्टल जयप्रकाश तक पहुंचा दी। उसी दिन सायंकाल जयप्रकाश और रामपाल गोदारा ने जेल में वार्ड संख्या पांच के सामने आनंदपालसिंह पर फायरिंग की जिससे उसके साथी बलबीर बानूड़ा की मौत हो गई। इसके जवाब में आनंदपालसिंह उसके साथियों भी ईंट-पत्थरों से पीट-पीटकर जयप्रकाश रामपाल को भी मार डाला था।

जेल में पिस्टल पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार और रिमांड पर चल रहे अभियुक्त चूरू में सांडवा थाने के तेहनदेसर निवासी हनुमान जाखड़ और बीदासर थाना क्षेत्र के दड़ीबा निवासी देवीसिंह जाट से एसओजी ने पूछताछ की तो आनंदपालसिंह को मारने के लिए सुपारी देने का खुलासा हुआ है। आनंदपालसिंह की गैंग के सुभाष बराल ने 26 जनवरी को राजू ठेहट पर गोली चलाई थी। उसके बाद से राजू ठेहट की गैंग आनंदपालसिंह की हत्या करने की फिराक में थी।

इसलिए चुनी जेल

आनंदपालसिंहजून में बीकानेर जेल में था। उसके खिलाफ इतने मुकदमे हैं कि लगभग रोजाना ही तारीख पेशियों पर सीकर नागौर, डीडवाना आदि क्षेत्रों में तारीख पेशी पर ले जाना पड़ता था। इस दौरान उसे जान से मारने की आशंका के कारण कड़ी सुरक्षा में तारीख पेशी पर लाने-ले जाने के निर्देश थे। रास्ते में आने वाले सभी पुलिस थानों के एसएचओ को भी एस्कोर्ट करने की हिदायत दे रखी थी। इसे देखते हुए राजू ठेहट की गैंग के लिए उसे मारने मुश्किल हो गया था। इसलिए आनंदपालसिंह को बीकानेर जेल में ही मरवाने की