पानी चोरी की एफआर दो
नहरबोर्ड चेयरमैन डॉ. मधुकर गुप्ता ने पानी चोरी के पकड़े गए मामले और बाद में उसमें लगी एफआर की सूची अभियंताओं से मांगी। बुधवार शाम नहर कार्यालय में अभियंताओं की बैठक में पानी चोरी रोकने और उस पर हुई कार्रवाई पर बात की तो अभियंताओं ने कहाकि चोरी पकड़ी जाती है मगर बाद में एफआर लग जाती है। कुछ मामले न्यायालय में चले जाते हैं। इस पर गुप्ता ने कहा ऐसे मामलों की सूची मुहैया कराओ जिसमें एफआर लगी है। हम सरकार से बात करेंगे। रही बात न्यायालय में पहुंचे मामले की तो वहां भी विभाग मजबूती से पक्ष और साक्ष्य मुहैया कराए ताकि चोरों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो।
उन्होंने चोरी रोकने मामले में सीधे कलेक्टर को भी प्रक्रिया से अवगत कराने के लिए कहा। बजट की समीक्षा और निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि नहर सफाई का भुगतान समय पर किया जाए और समय पर सफाई भी हो। सफाई में लगाई गई मशीनों की भी जानकारी ली। मरम्मत योग्य फाटक, काश्तकारों को समय पर सिंचाई और संसाधनों में गुणात्मक सुधार पर भी बात की। गुप्ता प्रशासनिक अधिकारियों की भी अलग से शुक्रवार को बैठक लेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों से पानी चोरी मामलों में पूरी जानकारी लेने के लिए कहा।
शिकायतों पर हो कार्रवाई
किसानोंकी शिकायतों को दरकिनार करने वाले नहर प्रशासन को बोर्ड चेयरमैन की ओर से फटकार मिली। उन्होंने कहाकि काश्तकारों की प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से ली जाए। पानी चोरी की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई हो। यदि ऐसा नहीं हुआ और मामला उन तक पहुंचा तो संबंधित अभियंता के खिलाफ खुद कार्रवाई करेंगे।
किसान जाएंगे गुजरात
नहरीक्षेत्र के काश्तकार शीघ्र ही गुजरात के आनंद क्षेत्र के काश्तकारों द्वारा खेती एवं पशुपालन के लिए किए जा रहे कार्य की जानकारी के लिए एक दल जाएगा। वहां से लौटकर उस तकनीकी का यहां भी उपयोग किया जाएगा।
नहर अधिकारियों की बैठक लेते नहर बोर्ड चेयरमैन डॉ. मधुकर गुप्ता।