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अंधेरे में डूबे पीबीएम में परेशानी भरे साढ़े चार घंटे

7 वर्ष पहले
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बुधवारकी शाम पीबीएम हॉस्पिटल में भर्ती मरीज और उनके परिजनों की सांसें लगभग चार घंटे तक ऊपर-नीचे होती रही। इस बार वजह ऑक्सीजन की कमी या डाक्टरों से मारपीट नहीं थी वरन दिक्कत थी बिजली गुल होना। दोपहर लगभग चार बजे यहां गुल हुई बिजली लगभग 8.30 बजे चालू हो पाई। इस दौरान आधे से अधिक हॉस्पिटल अंधेरे में डूबा रहा। मोबाइल फोन की रोशनी में मरीजों की देखभाल होती रही और बार-बार लोग आक्रोशित होते रहे। गनीमत यह रही कि आईसीयू, लेबर रूम, आपातकालीन इकाई और ऑपरेशन थियेटर में जेनरेटर से बिजली की सप्लाई चालू होने से जान पर संकट खड़ा नहीं हुआ।

दोपहर बाद लगभग चार बजे जब हॉस्पिटल की बिजली गुल हुई तो सभी ने इसे सामान्य घटा माना। चूंकि अगले दाे घंटे तक परिसर में सूर्य की रोशनी आती रही तो लोगों को ज्यादा परेशानी भी नहीं लेकिन छह बजे बाद ज्यों-ज्यों अंधेरा गहराता गया लोगों की बेचैनी बढ़ती गई। किसी को अंधेरे में ही ग्लूकोज बंद हो जाने की चिंता सता रही थी तो कोई उखड़ती सांसों से जूझ रहे मरीज को ऑक्सीजन के इंतजाम से आशंकित था। सात बजे बाद यह परेशानी नाराजगी में बदलने लगी। भर्ती मरीजों के परिजन आपातकालीन इकाई, इन्क्वायरी आदि जगहों पर पहुंच नाराजगी जताने लगे। मौके पर पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता आदर्श शर्मा ने हालात की जानकारी कलेक्टर आरती डोगरा को दी। कलेक्टर ने इस बारे में हॉस्पिटल प्रशासन से बात भी की। आखिरकार लगभग 8.30 बजे लाइट ऑन होने के बाद मरीजों, उनके परिजनों, डाक्टरों, स्टाफ के लोगों ने राहत की सांस ली।

^एक एक्सीडेंट की वजह से यह परेशानी पैदा हुई है। जितनी जल्दी इसमें सुधार संभव हो पाया हमने किया है। इसके बावजूद आइंदा ऐसी स्थिति होने पर त्वरित कार्रवाई कैसे हो सकती है इसके बारे में गुरुवार को विशेषज्ञों से राय-मशविरा करेंगे।\\\'\\\' डा.के.के.वर्मा,सुपरिटेंडेंटपीबीएम हॉस्पिटल

यहां रही बत्ती गुल

ए,बी,सी,डी,ई,एफ,एच,आईवार्ड। जनाना हॉस्पिटल। कैंसर हॉस्पिटल के अधिकांश हिस्से अंधेरे में डूबे रहे।

आशंका, डर और आक्रोश

एकमरीज के परिजन गुमानराम इस बात पर आक्रोश जताते रहे कि हमारे मरीज को ड्रिप लगी है लेकिन बंद है या चालू यह पता करने के लिए बार-बार स्टाफ के लोगों को कहते हैं तो वे नाराज भी होते हैं। अंधेरे में पता लगाना ही मुश्किल हो रहा है। जनाना हॉस्पिटल के एक कोने में खड़ी जुबैदा ने कहा, इस