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केन्द्र सरकार की टीम ने मनोरोग हॉस्पिटल देखा
नेशनलमेंटल हैल्थ प्रोग्राम की ओर से पीबीएम हॉस्पिटल के मनोरोग विभाग को दो साल पहले दिए गए एक करोड़ रुपए के उपयोग का पता लगाने केन्द्रीय टीम बीकानेर पहुंची।
इस टीम ने साइक्रिएट्री सेंटर और यहां के इंतजाम देखने के बाद जहां उपयोग पर संतोष जताया वहीं सेंटर के प्रभारी ने बकाया राशि उपलब्ध करवाने और नई यूनिट के लिए सहयोग देने का प्रस्ताव भी दिया।
मिनिस्ट्री आॅफ हेल्थ एंड फेमिली वेलफेयर के सीएमओ डा.एम.एल.बंसल, डा.नितिश शर्मा आदि की टीम बुधवार सुबह बीकानेर पहुंची। इस टीम ने न्यूरो साइक्रिएट्री सेंटर का निरीक्षण कर नेशनल मेंटल हैल्थ के लिहाज से मनोरोग की एक अलग यूनिट बनाने के लिए दी गई राशि के उपयोग के बारे में पूछा। सेंटर प्रभारी पीबीएम हॉस्पिटल सुपरिटेंडेंट डा.के.के.वर्मा ने एक करोड़ रुपए में से मिली पहली किश्त लगभग 59 लाख का हिसाब दिया। बताया, 36 लाख भवन और पांच लाख रुपए उपकरण में खर्च हुए। बाकी 18 लाख रुपए से एक यूनिट की सैलरी संचालित करनी थी। दूसरी किश्त नहीं मिलने से सैलरी नहीं बन रही और यूनिट बंद हो चुकी है। ऐसे में बकाया बजट उपलब्ध करवाने और यूनिट चालू करवाने की बात कही।
बन सकता है सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
बीकानेरका साइक्रिएट्री सेंटर केन्द्र के पैमानों पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बन सकता है। यहां के भवन, संसाधन एवं सेवाएं देखने के बाद केन्द्र की टीम की सदस्यों ने इस पर अनौपचारिक चर्चा की। सेंटर प्रभारी डा.के.के.वर्मा का कहना है, इस दिशा में प्रक्रिया शुरू करेंगे।