तदर्थ आधार पर आठ डीईओ को पदोन्नति
राज्यसरकार की ओर से हाल ही में दी गई अनुभव में एक साल की छूट के कारण शिक्षा विभाग को आठ उपनिदेशक मिले हैं लेकिन 24 पद फिर भी खाली पड़े हैं।
शिक्षा ग्रुप-2 के संयुक्त शासन सचिव अतर सिंह नेहरा ने बुधवार को आदेश जारी कर आठ जिला शिक्षाधिकारियों को आवश्यक अस्थायी आधार (तदर्थ) पर उपनिदेशक एवं समकक्ष पदों पर पदोन्नत किया है। यह पदोन्नति छह माह के लिए की गई है। यदि इस दौरान नियमित डीपीसी से चयनित अभ्यर्थी मिल गए तो इन्हें हटाना पड़ेगा। पदोन्नत डीडी को किसी भी प्रकार की वरिष्ठता और पात्रता का लाभ नहीं मिलेगा। विभाग में उपनिदेशक के 33 पद हैं, जिनमें से एक ही भरा हुआ है। 32 खाली पड़े हैं। उपनिदेशकों की कमी को देखते हुए राज्य सरकार ने अनुभव में एक साल ही छूट दी है। शिक्षा सेवा नियमों में तीन वर्ष अनुभव वाले जिला शिक्षाधिकारी को उपनिदेशक के पद पर पदोन्नत करने का प्रावधान है। एक साल ही छूट मिलने से दो वर्ष अनुभव वाले डीडी बने हैं। जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग में दो वर्ष से कम अनुभव वाले डीईओ को भी डीडी बनाने की कवायद चल रही है लेकिन इसमें डीओपी का आदेश रोड़ा बना हुआ है, जिसमें किसी को भी पातेय वेतन या कार्य व्यवस्था आधार पर उच्च पद पर पदस्थापन या पदोन्नत नहीं करने की बात कह गई है।
ये बने डीडी :
>कुशलपाल सिंह विशेषाधिकारी, शिक्षा ग्रुप-1
> गायत्री देवी प्रजापति प्राशि प्रथम सीकर
> गजरा चौधरी माशि प्रथम जोधपुर
> नूतन बाला कपिला माशि पाली
> ओम प्रकाश सारस्वत माशि निदेशालय, बीकानेर
> कृष्णा चौहान माशि प्रथम उदयपुर
> विजय शंकर आचार्य माशि निदेशालय, बीकानेर
> पृथ्वी राज देव प्राशि बाड़मेर