खेलों से होता व्यक्तित्व का विकास
भास्कर न्यूज | श्रीडूंगरगढ़
खेलोंके माध्यम से ही बच्चों के व्यक्तित्व संपूर्ण विकास हो सकता है। इसलिए शिक्षण संस्थाओं में नियमित खेल आयोजनों की परम्परा होनी चाहिए। ये विचार बीकानेर के पूर्व सभापति अखिलेश प्रताप सिंह ने कस्बे की सेसोमूं स्कूल की 14वीं दो दिवसीय एथलेटिक मीट के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। इस अवसर पर उन्होंने परेड की सलामी ली एवं ध्वजारोहण कर प्रतियोगिताओं की शुरूआत की। प्राचार्य गोपालकृष्ण बागी ने बताया कि प्रथम दिन खेल समाप्ति पर विभिन्न प्रतियोगिताओं को माध्यम से एमरल्ड सदन ने 159, रूबी सदन ने 103, सैफायर सदन ने 181 टोपाज सदन ने 147 अंक प्राप्त किए। संस्था के अध्यक्ष जगदीशप्रसाद मूंधडा ने विद्यार्थियों का हौंसला अफजाई करते हुए पढाई के साथ खेलों में सक्रिय रह कर शारीरिक विकास करने की प्रेरणा दी। उपाध्यक्ष पदमा मूंधडा ने खेलों को सर्वांगीण विकास का माध्यम बताया। विशिष्ट अतिथि के रूप में यूएसए से आई टीना जांगिड़, सेसोमूं गर्ल्स कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. चंद्रशेखर श्रीमाली, महावीर माली, सुभाषचंद्र शास्त्री, उमेश व्यास आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सलामी लेते अतिथि।