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अब एसएचओ करेंगे पोकसो के मुकदमों का अनुसंधान

7 वर्ष पहले
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लैंगिकअपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पोकसो) के तहत पुलिस थानों में दर्ज होने वाले मुकदमों की जांच अब एसएचओ भी कर सकेंगे।

एडीजी (क्राइम) पंकज कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि पोकसो के तहत राज्य के पुलिस थानों में दर्ज होने वाले बालकों के विरूद्व कारित लैंगिक अपराध अपराध होने की आशंका तथा सामूहिक दुष्कर्म के मामलों का अनुसंधान अब एसएचओ भी सकते हैं। परंतु एसएचओ अगर ऐसे मामलों में एफआर लगाते हैं तो सीओ या एएसपी उसका सत्यापन करेंगे। इसके अलावा रेप के साथ हत्या, गैंग रेप का अनुसंधान डीवाईएसपी या एएसपी ही करेंगे। गौरतलब है कि पूर्व में पीएचक्यू ने आदेश जारी कर रखा था कि पोकसो के तहत दर्ज मुकदमों की जांच डीवाईएसपी स्तर के अधिकारी ही करेंगे। इससे डीवाईएसपी के पास अनुसंधान के लिए मुकदमों की संख्या थानों के एसएचओ से बहुत ज्यादा हो गई जिससे वे सुपरविजन का काम नहीं कर पा रहे थे। पोकसो के मुकदमों का अनुसंधान एसएचओ को देने से डीवाईएसपी पर अनुसंधान का बोझ कम होगा।