सीवरेज चालू करे, निजी स्वार्थ त्यागे
वार्ड 55, 56, 57, 58, 59 60 के वाशिंदों ने उठाई समस्याएं
^जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं लेकिन गंदगी हम ही फैलाते हैं। नालियों में कचरा डालने उन पर कब्जा करने वालों पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करे तो ही हल संभव है।\\\'\\\'
अब्दुलमजीद, वार्ड58
^सीवरलाइन में लोगों को कचरा नहीं डालना चाहिए इसका ज्ञान जरूरी है। लोग मकान की सीढ़ियां सड़क के अंदर रखे। स्मार्ट वार्ड के लिए हमें ही अपने कर्तव्य निभाने होंगे।\\\'\\\'
अजीतपाल गोदारा, वार्ड58
^क्षेत्रमें लोगों को एक-दूसरे का सहयोग करना होगा। सहयोग सामंजस्य से ही स्मार्ट वार्ड सिटी बनाई जा सकती है। इसके लिए खुद से शुरूआत करनी होगी।\\\'\\\'
विक्रमसिंह भाटी, वार्ड58
^हमटैक्स चुकाते हैं तो उसका सदुपयोग होना चाहिए। काम हो रहा है और रुपए लग रहे हैं। कार्मिक भी लगे हैं लेकिन समस्याएं हल क्यों नहीं होती, इस पर विचार किया जाए।\\\'\\\'
विनोदबिश्नोई, वार्ड58
^सबसेपहले पानी के बहाव क्षेत्र वाले कब्जे हटने चाहिए। क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने के काम तेजी से होने चाहिए और इसके लिए जनता प्रशासन को एकजुट होना होगा।\\\'\\\'
वीरेंद्रसिंह शेखावत, वार्ड59
^एकऐसा कंट्रोल रूम बनाया जाए जिसमें समस्याएं लिखित में दर्ज हो। उन शिकायतों की मॉनिटरिंग सख्ती से की जाए। पार्षद को अधिक अधिकार देने की भी जरूरत है।\\\'\\\'
चेतन्यउतरेजा, वार्ड59
^रिहायशीक्षेत्र में से होकर भारी वाहन गुजर रहे हैं। कई बार प्रशासन को इस बारे में अवगत करवाया लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस प्रकार की व्यवस्था रोष बढ़ाती है।\\\'\\\'
विनयआचार्य, वार्ड60
इन्होंने भी रखे विचार
क्या कहते हैं पार्षद
अधिकारियों का यह है कहना
लोग जागरूक होंगे तो ही निकलेगा हल
मैंनेसभी 60 वार्डों में रूबरू कार्यक्रम में हिस्सा लिया। लोगों की समस्याएं सुनी, उनके सुझाव भी सुने। अधिकारियों के पक्ष भी जाने। इतना सब जानने के बाद एक ही विचार सामने आया कि लोगों को जागरूक होना होगा। यह कहना है उप-महापौर शकीला बानो का। वे कहती हैं कि अधिकारी-कर्मचारी भी काम करना चाहते हैं और जनता भी काम करवाना चाहती है। कुछ लोगों के िनजी स्वार्थ में लाखों लोग परेशान हो रहे हैं। यह प्रवृत्ति बदलने के लिए बस जन जागरूकता लानी है और इसके लिए मैं सभी के साथ हूं।
नएट्रैक्टर मिले, अब करेंगे सफाई
रूबरूअभियान से प्रेरित होकर नगर निगम के स्वास