बीकानेर. कॉलेजों में प्रवेश के साथ ही फ्रेशर में रैगिंग का भय सताना लगा है मगर कॉलेज प्रशासन पहले सतर्क होने लगे हैं। इसी को मद्देनजर बुधवार को वेटरनरी कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक हुई जिसमें रैगिंग रोकने के लिए ठोस निर्णय लिए गए।
कॉलेज के अधिष्ठाता कमेटी के चेयरमैन डॉ.बी.के.बेनीवाल ने कॉलेज प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों का विवरण कमेटी के समक्ष पेश किया। सीओ सदर नसीमुल्ला ने कॉलेज प्रशासन से आमने-सामने चर्चा कराने का सुझाव दिया।
एक ऐसा कार्यक्रम हो जिसमें सीनियर-जूनियर छात्र बैठें और कमेटी के सदस्य भी मौजूद हों। छात्र रैगिंग संबंधी शंकाओं का समाधान भी कर सकें और कमेटी के सदस्य रैगिंग से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से बता सकें।
कॉलेज प्रशासन ने इस पर सहमति जताते हुए शीघ्र ही कार्यक्रम आयोजित करने का भरोसा दिया। समाजसेवी प्रभा भार्गव ने जिलास्तरीय एंटी रैगिंग कमेटी के गठित करने का सुझाव दिया जो कॉलेजों की कमेटी का रिव्यू करे। उन्होंने पुलिस, प्रशासन और सभी विवि से इसकी पहल करने के लिए कहा। छात्र कल्याण निदेशक डॉ.आर.एन.कच्छावा, डॉ.त्रिभुवन शर्मा, डॉ.राकेश माथुर, डॉ.प्रवीन बिश्नोई, डॉ.राजेश नेहरा, मोहम्म्द जफर सहित मीडिया प्रतिनिधियों ने भी सुझाव रखे।
रैगिंग की तो ये होगी कार्रवाई
>किसी भी कॉलेज के छात्र ने प्रथम द्वितीय वर्ष के छात्र से रैगिंग की तो तत्काल उसके खिलाफ कॉलेज से निलंबन के साथ ही उसे कभी भी किसी भी कॉलेज में प्रवेश नहीं मिलेगा।
> छात्र के खिलाफ कॉलेज की कार्रवाई के अलावा न्यायिक प्रक्रिया से भी गुजरना होगा जिसमें कड़ी सजा का प्रावधान है।
> छात्र की शिकायत पर ही कार्रवाई होगी।
> छात्र अपनी शिकायत एंटी रैगिंग कमेटी के समक्ष सीधे या गोपनीय तरीके से पहुंचा सकते हैं।
क्या करे कॉलेज
खालीकक्षाओं पर नजर रखें। यदि सीनियर और जूनियर छात्र हैं तो विशेष नजर रखें। कॉलेज की कैंटीन, गैलरी, कॉमन हॉल, सभागार, हॉस्टल आदि पर विशेष नजर रखनी होगी। कैंपस के बाहर भी की गई रैगिंग पर कार्रवाई होगी। जूनियर छात्र की ओर से रैगिंग का झूठा आरोप लगाने पर जूनियर छात्र के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।