पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • पांच साल बाद याद आया हार्ट हॉस्पिटल में जनरल वार्ड नहीं

पांच साल बाद याद आया हार्ट हॉस्पिटल में जनरल वार्ड नहीं

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
हल्दीराममूलचंद गवर्नमेंट कार्डियोवस्कुलर सेंटर में जनरल वार्ड नहीं है। मजबूरी में पैसे देकर कॉटेज वार्ड में रहना पड़ता है। मरीज लगभग पांच साल से यह परेशानी झेल रहे हैं लेकिन हॉस्पिटल प्रशासन के जेहन में यह बात अब आई है। ऐसे में अब जनरल वार्ड चालू करने की योजना बनाई है। तय किया कि दो कॉटेजों को मिलाकर 12 बैड का जनरल वार्ड बनाएंगे।

पीबीएम हॉस्पिटल सुपरिटेंडेंट डा.के.के.वर्मा, कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डा.पिंटू नाहटा, डा.देवेन्द्र अग्रवाल आदि की मौजूदगी में हुई इस मीटिंग में हॉस्पिटल के संबंध में कई अन्य निर्णय भी हुए। इनमें खासतौर पर बनकर तैयार पड़े हॉस्पिटल के बी-ब्लाॅक का मरीजों के हित में उपयोग करने पर की बात शामिल है। हॉस्पिटल में कार्डिएक सर्जरी शुरू करवाने के लिए ओटी को तैयार किया जाएगा। इसके लिए आठ एसी दानदाता देंगे। बाहर से आने वाली टीम यहां नियमित ऑपरेशन करेगी। बी-ब्लॉक के ऊपरी हिस्से में बने कॉटेज जो खाली पड़े हैं वे भर्ती मरीजों के अटेंडेंट को किराए पर दिए जाएंगे। इस ब्लॉक में कैफेटेरिया, लाइब्रेरी, डाक्टर चैंबर आदि चालू होंगे।

लगभग पांच साल पहले चालू हुई इस हॉस्पिटल में अब तक गंभीर रोगियों को सीसीयू में रखा जाता है। मरीज की स्थिति में सुधार होने पर उन्हें काॅटेज में शिफ्ट कर दिया जाता है जिसका बाकायदा भुगतान लिया जाता है। गरीब रोगी और उनके परिजन आए दिन इस बारे में शिकायत करते हैं लेकिन अब तक जनरल वार्ड के बारे में सोचा ही नहीं गया।

इधर कूलिंग सिस्टम पर मौन

पूरेहॉस्पिटल का एकीकृत कूलिंग सिस्टम बंद हुए सालभर से अधिक हो गया। गारंटी पीरियड वाले इस सिस्टम को हॉस्पिटल प्रशासन गर्मी में भी चालू नहीं करवा पाया। अब इसकी जिम्मेवार नगर विकास न्यास की बताई जा रही है जिसने जन सहभागिता में इस हॉस्पिटल का भवन बनाया और उपकरण उपलब्ध करवाएं। कूलिंग सिस्टम इंस्टाल करने वाली फर्म के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवाने पर भी विधि विशेषज्ञों से राय-मशविरा लिया जा रहा है।

हार्ट हाॅस्पिटल में मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के संबंध में विभाग के डाक्टरों से बातचीत हुई है और इस संबंध में कई निर्णय भी लिए हैं। इन्हें जल्द लागू किया जाएगा।

डा.के.के.वर्मा,सुपरिटेंडेंटपीबीएम हॉस्पिटल

पहलेभी मरीजों को जनरल वार्ड की जगह कैथ लैब में रखते थे लेकिन वहां एंजियोग्राफी आदि के रोगी पह