बीकानेर | राज्य सरकार ने एक बार फिर बीकानेर को झटका दिया है। महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में टीचिंग और नॉनटीचिंग की भर्ती पर रोक लगा दी है। कांग्रेस कार्यकाल में विवि में टीचिंग और नॉनटीचिंग के पद सृजित किए गए थे।
टीचिंग के पदों पर भर्ती की गई थी मगर कुछ पद शेष रह गए थे उनके साक्षात्कार भी हो गए बावजूद इसके सरकार ने रोक लगा दी। इसके साथ ही नॉनटीचिंग में 25 सहायक कर्मचारियों के आवेदन पिछले तीन सालों से विवि के पास हैं मगर अब तक साक्षात्कार नहीं हुए। अब जब विवि साक्षात्कार कराने के लिए तैयार हुआ तो सरकार ने भर्ती पर रोक लगा दी।
रोक के बाद विवि ने उच्चाधिकारियों को विवि की स्थिति बताई कि यहां संभाग के दर्जनों कॉलेजों के सवा तीन लाख छात्रों की परीक्षा कराना बिना कर्मचारियों के मुनासिब नहीं है। इस पर सरकार ने विवि से जवाब मांगा कि अब तक पद नहीं थे तो कैसे काम होता था।
यदि भर्ती हुई तो इसकी वित्तीय जिम्मेवारी किसकी होगी। अब तक जो पद भरे गए उनकी जरूरत बताएं। सरकार के सवालों से यूं लगा मानो महाराजा गंगासिंह विवि सरकार होकर निजी है। विवि ने इसका भी जवाब भेज दिया फिर भी भर्ती प्रक्रिया पर रोक नहीं हटी। इससे शहर के वे हजारों बेरोजगार अभ्यर्थी स्वयं को ठगा महसूस कर रहे हैं जो तीन साल से नौकरी की बाट जोह रहे रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि हाल ही में हुए चार विधानसभा के परिणाम से भी सरकार नहीं चेत रही है तो आने वाले दिनों में सरकार को और विकट स्थितियों का सामना करना पड़ेगा।
सरकार को पदों की जरूरत के बारे में विस्तार से बता दियागया है। कुछ ही दिनों में विवि से फिर कुछ अधिकारी जयपुर जाकर विवि का पक्ष रखेंगे। यदि सरकार ने भर्ती की छूट दी तो भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - विश्राममीणा, कुलसचिव,एमजीएस विवि