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पांच महीनों में 15 लोगों की सर्पदंश से मौत

7 वर्ष पहले
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बीकानेर. बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल में बीते पांच महीनों में सर्पदंश से पीड़ित 15 लोगों की मौत हो गई। इस अवधि में यहां कुल 141 मरीज पहुंचे। अभी भी हॉस्पिटल में दो रोगी भर्ती हैं। हॉस्पिटल प्रशासन का दावा है कि दवाई के अभाव में एक भी मौत नहीं हुई है। पिछले 20 दिनों से इधर-उधर से दवाई का इंतजाम करना पड़ रहा है। सोमवार को भी दो रोगियों के लिए 25 इंजेक्शन जुटाए गए। जिले के ड्रग वेयर हाउस में दवाई खत्म हुए एक महीने से ज्यादा हो गया है।

प्रदेश भर में सर्पदंश की दवाई खत्म होने और इससे लोगों की मौतें होने की ‘भास्कर’ में छपी रिपोर्ट के बाद हरकत में आई सरकार ने सोमवार को पीबीएम हॉस्पिटल प्रशासन से सर्पदंश के रोगियों और दवाई के संबंध में रिपोर्ट मांगी। हॉस्पिटल सुपरिटेंडेंट डा.के.के.वर्मा ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य के माध्यम से यह रिपोर्ट प्रमुख शासन सचिव को भेजी। यह स्थिति तो मेडिकल कॉलेज से जुड़े पीबीएम हॉस्पिटल की है। इससे इतर जिलेभर के हॉस्पिटलों में सर्पदंश से पीड़ित लोग पहुंच रहे हैं। जिले के विभिन्न सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर जनवरी से अब तक सर्पदंश के 105 रोगी पहुंच चुके हैं। चूंकि अब प्रदेशभर में सर्पदंश की दवाई एंटी स्नैक वीनम (एएसवी) खत्म हो चुकी है, ऐसे में बीकानेर में भी इस बीमारी से पीड़ितों की जान पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

पीबीएम हॉस्पिटल में उपचाराधीन सर्पदंश से पीडित रोगी।

बाजार में इंजेक्शन ढूंढ़ रहे मरीजों के रिश्तेदार

पीबीएमहॉस्पिटल के ई-वार्ड में भर्ती सियाणा गांव के 73 वर्षीय दीपसिंह के पुत्र पूरणसिंह का कहना है, कुछ टीके हॉस्पिटल से मिले हैं लेकिन 10 टीके बाजार से खरीदने पड़े। इसके साढ़े नौ हजार रुपए लग गए। गरीब हैं, यह इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है। अब बाजार में भी आसानी से मिल नहीं रहे। राजगढ़-चूरू के 40 वर्षीय रामनिवास का कहना है, अब तक 105 टीके लग चुके हैं। गनीमत यह है कि ये सभी हॉस्पिटल से उपलब्ध हुए।

राजस्थानी सांपों के काटने की दवाई ही नहीं

राजस्थानऔर खासतौर पर मरुस्थलीय इलाके में जो सांप पाए जाते हैं उनके दंश की स्पेसिफिक दवाई ही अब तक नहीं बनी हैं। इस मसले पर शोध कर रहे डा.पी.डी.तंवर मानते हैं कि बाजार में उपलब्ध दवाई स्पेसिफिक नहीं होने से इसकी डोज और असर के बारे में निश्चित तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता।
अब तक ऐसा एक भी रोगी नहीं रहा है जिसे एंटी स्नैक वीनम दिया गया हो। दो रोगी अभी भर्ती है उनके लिए इंजेक्शन का इंतजाम कर दिया है। मंगलवार को भी कुछ जगहों से इंजेक्शन मिलने की उम्मीद है। सरकार की ओर से मांगी गई रिपोर्ट भेज दी है।'' -डा.के.के.वर्मा, सुपरिटेंडेंटपीबीएम हॉस्पिटल