- Hindi News
- कलेक्टर को विधायक से चर्चा कर सात दिन में देनी होगी टिप्पणी
कलेक्टर को विधायक से चर्चा कर सात दिन में देनी होगी टिप्पणी
राज्यसरकार ने स्कूल एकीकरण की शिकायतों की जांच के मामले में जिला कलेक्टरों से सात दिन में रिपोर्ट मांगी है। कलेक्टरों को अब संबंधित विधायकों से चर्चा कर सरकार को टिप्पणी भेजनी होगी।
स्कूलों के एकीकरण को लेकर मिली शिकायतों की जांच के लिए सरकार ने हाल ही में दिशा निर्देश जारी किए थे। प्रारंभिक शिक्षा आयोजना के संयुक्त शासन सचिव आर.सी.ढेनवाल ने सोमवार को एक और निर्देश सभी जिला कलेक्टरों को जारी शिकायतों को दो भागों में वर्गीकृत किया है। पहला ऐसी शिकायत जो कि दिशा निर्देश के आधार पर परिवर्तन योग्य है। दूसरा अन्य शिकायत जो कि दिशा निर्देश से परे है, लेकिन विशेष परिस्थितिवश मांग की गई है। विशेष परिस्थिति का उल्लेख भी करना होगा। इन बिंदुओं के आधार पर दो तरह की सूचियां बनानी होंगी। जिला कलेक्टरों से दोनों सूचियां सात दिन में सरकार को भेजने को कहा गया है। इन सूचियों पर संबंधित विधायक और जिला शिक्षाधिकारी के साथ विचार विमर्श करने के बाद प्रतिवेदन पर कलेक्टरों को अपनी टिप्पणी अंकित करनी होगी।
मर्ज होने से वंचित स्कूलों का क्या होगा
राज्यमें ऐसी बहुत सी स्कूलें हैं, जो मर्ज होने के योग्य थीं लेकिन किसी ना किसी कारण उसे छोड़ दिया गया है। उन स्कूलों की तरफ सरकार का ध्यान अब तक नहीं गया है। उनके संबंध में सरकार की कोई गाइड लाइन अब तक जारी नहीं हो पाई है। ना ही ऐसी स्कूलों को सर्वे करवाया जा रहा है। पता चला है कि यह स्कूलें नेताओं और रसूखदार लोगों के दबाव में छोड़ दी गई हैं।