भांडाशाह मंदिर में हुए 18 अभिषेक
श्रीसुमति नाथ जैन मंदिर (भांडाशाह जैन मंदिर) के 500वीं वर्षगांठ पर पांच दिवसीय धार्मिक उत्सव सोमवार को मंदिर की प्रतिमाओं के 18 अभिषेक से शुरू हुआ। जैन समाज के सहयोग से चिंतामणी जैन मंदिर प्रन्यास की ओर से आयोजित पंचाह्निका महोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को सुबह नौ बजे मंदिर परिसर में ‘उवसग्गहरं महापूजन’ तथा शाम को भक्ति संगीत का आयोजन होगा।
श्री चिंतामणि मंदिर प्रन्यास के अध्यक्ष निर्मल धारीवाल ने उत्सव के प्रथम दिन जैन श्वेतांबर खरतरगच्छ संघ की साध्वी मनोरंजना श्रीजी, सुभद्रा श्रीजी, वसुंधरा श्रीजी, ज्ञानोदयताश्रीजी, सिद्धोदयाश्रीजी तथा विधिकारक विरल भाई ने जैन आगमों के मंत्रों के साथ 18 अभिषेक करवाए। अभिषेक के दौरान सुनील पारख, विचक्षण महिला मंडल वर्धमान नवयुवक मंडल की टीम ने प्रसंगानुसार भक्ति गीत पेश किए। धारीवाल ने बताया कि 23 सितंबर को उवसग्गहरं महापूजन 24 सितंबर को श्री-भक्तामर महापूजन,25 सितंबर को श्री सिद्धचक्र महा पूजा होगा। इसी दिन कुमारपाल की आरती शाम सात बजे 108 दीपकों से होगी। भक्ति संगीत संध्या का आयोजन होगा। महोत्सव के अंतिम दिन 26 सितंबर को सत्तरभेदी पूजन ध्वजारोहण तथा स्वामी वत्सल का आयोजन होगा। गोगागेट सर्किल के गौड़ी पाश्र्वनाथ जैन मंदिर परिसर में स्वामीवत्सल का आयोजन होगा।
भांडाशाह जैन मंदिर के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में पूजा करते जैन समाज के लोग।
भक्ति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम
महोत्सवके चौथे दिन ढढ्ढों के चौक में 25 सितंबर को भक्ति संगीत सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा जिसमें स्थानीय बेलड़ी के मोहन चेन्नई के मनोज जैन प्रभु भक्ति के गीत पेश करेंगे।
विदेशीपर्यटक हुए शामिल
पांचदिवसीय अभिषेक पूजन कार्यक्रम में सोमवार को अनेक विदेशी पर्यटक भी शामिल हुए। उन्होंने पांच शताब्दी प्राचीन कलात्मक सर्वोच्च शिखर वाले मंदिर की विशिष्टताओं के साथ जैन धर्म की अभिषेक पूजा पद्धति के बारे में जानकारी ली।