पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • जनस्वास्थ्य के साथ हो रहा खिलवाड़

जनस्वास्थ्य के साथ हो रहा खिलवाड़

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
दंतौरसहित आस-पास के दर्जनों गांवों में पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने से नीम हकीमों की चांदी बनी हुई है। क्षेत्र में सर्दी, जुकाम, मलेरिया आदि मौसमी बीमारियों से पीड़ित लोगों की जीवन से ये नीम हकीम खिलवाड़ कर रहे हैं। जब नीम हकीमों से बीमारी ठीक नहीं होती है तो लोगों को मजबूर होकर 40 किलोमीटर दूर खाजूवाला या 120 किलोमीटर दूर बीकानेर का रुख करना पड़ता है। हालात यह है कि दंतौर मंडी में भी अभी तक उप स्वास्थ्य केंद्र ही है। और इस उप स्वास्थ्य केंद्र में भी पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं और स्टाफ नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। दंतौर के ग्रामीणों ने बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र भी एक एएनएम के भरोसे चल रहा है। एक जीएनएम को विभाग ने प्रतिनियुक्त पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खाजूवाला में लगा रखा है। पर्याप्त चिकित्सा सुविधा और स्टाफ नहीं होने से लाखों रुपए की लागत से बना भवन भी नकारा होने लगा है। ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि पिछले काफी समय से उप स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत कर पर्याप्त सुविधा और स्टाफ उपलब्ध करवाने की मांग की जा रही है। लेकिन संबंधित विभाग प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

सुनसान पड़ा उपस्वास्थ्य केंद्र दंतौर का भवन।

इलाज के लिए आने वाले लौटते हैं निराश

उपस्वास्थ्यकेंद्र दंतौर में उपचार के लिए दंतौर मंडी सहित बल्लर, आनंदगढ़, 66 आरडी, जग्गासर सहित आस-पास के दर्जनों चक, ढाणियों आबादी से आने वाले रोगियों को निराश लौटना पड़ता है। पर्याप्त उपचार नहीं मिलने से यहां पर आने वाले रोगियों उनके परिजनों को समय आर्थिक परेशानी के साथ ही मानसिक पीड़ा का सामना भी करना पड़ता है। इतना ही नहीं इसके बाद मजबूर होकर उन्हें नीम हकीमों के पास जाना पड़ता है जहां पर उनका आर्थिक शोषण भी खूब होता है।