पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • ग्रीन बीकाणा बने और लोग हो टेक्नोलॉजी फ्रेंडली

ग्रीन बीकाणा बने और लोग हो टेक्नोलॉजी फ्रेंडली

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
वार्ड 43 से 48 के लोगों ने कहा

अतिक्रमण बन रहे हैं विकास में बाधक, सीवरेज सफाई की भी जरूरत

स्मार्टवार्ड के लिए यह जरूरी हो गया है कि सब लोग टेक्नोलॉजी फ्रेंडली बने। प्रशासन को एक ऐसा पोर्टल बनाना चाहिए जहां जनता अपनी शिकायतों और समस्याओं को ऑनलाइन दर्ज करवा सके और उनके निस्तारण का जवाब भी लोगों को घर बैठे ही मिल जाएगा। ऐसा होने के बाद सरकारी कार्यालयों में जहां भीड़ कम होगा, वहीं जनता भी विकास में भागीदार बनेगी। जब लोगों की शिकायत कम होगी तो वे ग्रीन बीकाणे के सपने को पूरा करने की ओर काम करेंगे। इससे केवल लोगों को स्वास्थ्य की दृष्टि से फायदा मिलेगा बल्कि सुकून शांति भी मिलेगी।

यह कहना है वार्ड 43 से 48 के लोगों का, जो गुरुवार को बीकानेर टेबल-टेनिस हॉल में दैनिक भास्कर के रूबरू कार्यक्रम में पहुंचे। इन लोगों का कहा, जब तक नगर निगम अपने स्तर पर मोहल्ला-वाइज कमेटियों का गठन कर उनकी प्रोपर मॉनीटरिंग नहीं करेगा, शहर के विकास में लोगों की सहभागिता कम ही बढ़ेगी। लोगों की सहभागिता बढ़ाने के लिए प्रशासन को चाहिए कि वह सबसे साफ, सुंदर और सुसज्जित वार्ड को पुरस्कृत करने की योजना शुरू करे। ऐसा करने से शहर के लोग अपने आप अपने वार्ड की सफाई और उसे विकसित करने के लिए प्रयास करेंगे। ऐसा करने से बीकानेर जल्द ही स्मार्ट सिटी के रूप में स्थापित होगा। सुरेन्द्रसिंह शेखावत, सीए सुधीश शर्मा, रमेश सैनी, श्यामसिंह हाड़लां आदि की मौजूदगी में लोगों ने वार्ड को साफ-सुथरा बनाने के लिए घर-घर कचरा कलेक्शन योजना शुरू करने, सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने के लिए कब्जे हटाने, गजनेर रोड आरओबी के आसपास तीन से चार आरयूबी बनाने आदि सुझाव दिए। (रुबरु: पेज 6)

बीकानेर टेबल-टेनिस हॉल में आयोजित भास्कर के रुबरु कार्यक्रम में विचार रखते वार्डवासी।

ये हैं प्रमुख समस्याएं

> गजनेर रोड ओवरब्रिज के नीचे की गलियों का रास्ता हुआ संकरा।

> सफाईकर्मी कम, जगह-जगह लगे हैं गंदगी के ढेर।

> रोड लाइटें दिन में तो जलती है लेकिन शाम ढलते ही हो जाती है बंद।

> अावारा पशु जो हर दिन बन रहे हैं हादसों का कारण।

> गजनेर रोड अोवरब्रिज के पास पुलिस लाइन चौराहे पर सुचारु नहीं है यातायात व्यवस्था।

सुझावजो शहर को बना सकते हैं स्मार्ट

>घर-घर से कचरा संग्रहण की योजना शुरू होनी चाहिए।

> वंचित क्षेत्रों में डाली जाए सीव