जातीय संतुलन बनाया, मूल ओबीसी पर नजर
पॉलिटीकल रिपोर्टर | बीकानेर
प्रदेशकांग्रेस कमेटी की गुरुवार को घोषित कार्यकारिणी में महासचिव और सचिव के पद पर बीकानेर को प्राथमिकता मिली है। वहीं देहात अध्यक्ष के पद पर मूल ओबीसी के व्यक्ति को चुन कर जातिगत संतुलन बनाने के प्रयास किए गए हैं।
राजस्थान प्रभारी गुरुदास कामथ की ओर से जारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी में श्रीडूंगरगढ़ से तीन बार विधायक रहे मंगलाराम को महासचिव तथा जियाउर रहमान आरिफ को सचिव बनाया गया है। इसी प्रकार जिला देहात अध्यक्ष पद के लिए महेन्द्र गहलोत को चुना गया है। तीन बार देहात अध्यक्ष रह चुके लक्ष्मण कड़वासरा को हटाने के साथ ही मंगलाराम को महासचिव बनाकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी के विरोधी खेमे को तथा गहलोत को देहात अध्यक्ष बनाकर डूडी को संतुष्ट का प्रयास किया गया है। कांग्रेस ने शहर के बाद अब देहात में भी मूल ओबीसी के व्यक्ति को चुनकर इस जाति पर अपनी पकड़ को मजबूत बनाने की कोशिश की है। कुछ समय पहले राहुल गांधी ने राज्य के प्रमुख कांग्रेसी नेताओं को बुलाकर मूल ओबीसी एससी वर्ग को फिर से कांग्रेस की तरफ आकर्षित करने की योजना पर विचार किया था।
जातीय संतुलन बनी वजह
कांग्रेसने देहात अध्यक्ष पद से लक्ष्मण कड़वासरा को हटाकर और प्रदेश में मंगलाराम को महासचिव बनाकर जातीय संतुलन को कायम रखने की कोशिश की है। क्योंकि दोनों ही नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी के विरोधी खेमे से ताल्लुक रखते हैं। इसी प्रकार शहर में यशपाल गहलोत को कायम रखते हुए देहात में महेन्द्र गहलोत को बनाकर मूल ओबीसी पर पकड़ को मजबूत करने का प्रयास किया है। गहलोत को डूडी खेमे का माना जाता है।
कार्यकर्ताओं में खुशी
देहातअध्यक्ष पद पर महेन्द्र गहलोत की नियुक्ति होने पर शहर कांग्रेस कमेटी के सचिव धनराज सोलंकी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने डूडी पेट्रोल पंप पर इकट्ठे होकर पटाखे छोड़े और मिठाइयां बांटी। इस अवसर पर ओमप्रकाश सेन, भगवानाराम डूडी, विनोद बेरड़ सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। सेन समाज के व्यक्ति को पहली बार तरजीह मिलने पर श्री सैन जी महाराज सैन समाज में खुशी छायी है। रामी देवी नाई, दुर्गादेवी, थावर खिखनिया, मनीराम नाई, गिरधारी राम, मूलाराम, चंपालाल, पंकज, विक्रम, नरेन्द्र पंवार, गोविंदराम, सवाई सियाणा, गोपाल नाई आदि ने सचिव पायलट और रामेश्वर डूडी का आभार जताया है।
क्यों बदला देहात अध्यक्ष ?
कांग्रेसके संविधान के अनुसार एक व्यक्ति लगातार दो बार ही अध्यक्ष रह सकता है लेकिन लक्ष्मण कड़वासरा के मामले में चूंकि वे डूडी की पसंद थे इसलिए संविधान में संशोधन कराकर कड़वासरा को तीसरी बार अध्यक्ष बनाया गया था। इसलिए इस बार उनका बदला जाना तय था। हालांकि जिला परिषद उपचुनाव के बाद दोनों के संबंधों में भी खटास पड़ गई थी। ऐसे में डूडी की अनुशंसा पर महेन्द्र गहलोत को देहात अध्यक्ष बना दिया गया।
पारिवारिक पृष्ठ भूमि को महत्व
बीकानेरपश्चिम विधानसभा क्षेत्र से जिआ उर रहमान आरिफ को प्रदेश में सचिव बनाकर अल्पसंख्यक वर्ग को तरजीह दी गई है। रहमान जिला कार्यकारिणी में महामंत्री थे। आरिफ के दादा स्व. मोहम्मद उस्मान आरिफ केन्द्रीय मंत्री, सांसद और राज्यपाल तथा पिता कांग्रेस में ही प्रदेश सचिव रहे थे। गुरदास कामथ और प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट की पसंद बताए जाते हैं आरिफ। जिया को उनकी कांग्रेसी पारिवारिक पृष्ठभूमि के कारण महत्व मिला है।