‘यूपीए युग’ में पहुंचा सेंसेक्स, सोना, रुपया और क्रूड
दिल्ली में सोना 215 रु. महंगा होकर 28,800 रु. 10 ग्राम पर पहुंच गया। बीकानेर में दाम 800 रुपए बढ़कर 28300 रुपए हुए। यह डेढ़ साल में सबसे ज्यादा है। बाजार में गिरावट से लोग सोने में पैसे लगा रहें। रुपया कमजोर होने से आयात महंगा।
पिछलेचार दिनों में सेंसेक्स 6.64% गिरा तो सोना 2.67 फीसदी चढ़ा।
{एक दिन में 3.4% गिरा बाजार। इस हफ्ते चार दिन में मार्केट कैप 7 लाख करोड़ रु. घट गया।
{बीएसईमें लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 86 लाख करोड़ रु. हुआ।
{4मार्च 2015 के शीर्ष (30,025) से अब तक 20 लाख करोड़ रु. की गिरावट चुकी है मार्केट कैप में।
{आठवीं सबसे बड़ी गिरावट के साथ सेंसेक्स 8 मई 2014 के बाद सबसे निचले स्तर पर। मोदी सरकार के कार्यकाल का भी निचला पायदान है।
{निफ्टी239 अंक, यानी 3.32% गिरकर 6976 पर गया।
-बाजार में गिरावट के कारण पढे़ें पेज 4
क्रूड: 26डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा, 13 साल पुरानी कीमत
अमेरिकीक्रूड जुलाई 2014 (106 डॉलर/बैरल) से 70% नीचे है। इंडियन बास्केट 27.72 डॉलर पर है।
रुपया: डॉलरके मुकाबले ढाई साल के निचले स्तर पर पहुंचा
रुपए45 पैसे सस्ता हुआ। एक डॉलर की कीमत 68.30 रु. हाे गई। यह 29 महीने का सबसे निचला स्तर है।
मुंबई| दुनियाके ज्यादातर देशों की आर्थिक स्थिति डांवाडोल है। असर भारत पर भी पड़ रहा है। गुरुवार को शेयर बाजार लुढ़का तो सोना और रुपया भी कमजाेर हुए। तीनों करीब-करीब यूपीए सरकार के समय के स्तर पर पहुंच गए। कच्चा तेल तो 13 साल पुराने भाव पर गया है। यानी यूपीए के शुरुआती दिनों की स्थिति पर। 2003-04 में इंडियन बास्केट क्रूड 28 डॉलर/बैरल पर था।