पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Bikaner
  • हर्षित बने महाशालविजय और ईला बेन अर्हम गुणाश्री

हर्षित बने महाशालविजय और ईला बेन अर्हम गुणाश्री

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
दूल्हेकी तरह सजे धजे हर्षित और नख से शिख तक श्रंगारित ईला बेन को हंसते मुस्कुराते लोगों ने गाजे बाजे के साथ पांडाल में प्रवेश करवाया। दोनों ने ही सबको वंदन किया। बड़ो के पैर छुए छोटों को लाड कर गुरुजनों को नमन किया। कुछ देर पांडाल में रहे और फिर वापस रवाना हो गए। थोड़ी ही देर बाद वे फिर पांडाल नजर आए लेकिन संन्यासी के रुप में। सफेद वस्त्र पहने हाथों में जैन सन्यासियों द्वारा धारण किए गए ओघे को लिए दोनों ही मुमुक्षुओं ने जब संन्यासी बन पांडाल में प्रवेश किया तो लोगों में उनका वंदन करने की होड़ लग गई। छोटे-बड़े परिवारजनों ने दोनों के पैर छूकर आशीष मांगा। इस बदले नजारे को देख कइयों की आंखें भर आई। ये नजारा था कोचरों के चौक में आयोजित दीक्षा महोत्सव का। रविवार को प्रन्यास प्रवर पुण्डरीक र|विजय जी महाराज के सानिध्य में मुमुक्षु हर्षित डागा और ईला बेन को जैन परंपरा के अनुरूप दीक्षा प्रदान कर हर्षित को महाशालविजय महाराज और ईला बेन को अर्हम गुणाश्री जी नाम प्रदान किया गया। इस मौके पर पुण्डरीकविजय जी ने नव दीक्षित दोनों मुमुक्षुओं को साधु मार्ग को श्रेष्ठ बनाने की बात कही। देशभर से आए श्रद्धालुओं की मौजूदगी में श्री जैन श्वेतांबर सकल श्रीसंघ की और से आयोजित त्रिदिवसीय दीक्षा महोत्सव के प्रारंभ में सूरज भवन से दीक्षा स्थल तक शोभायात्रा निकाली गई। दीक्षा स्थल पर केश लोचन, रजोहरण संस्कार और अंतिम द्रव्य पूजा के बाद दोनों मुमुक्षुओं को दीक्षा प्रदान की गई।

दीक्षा लेने के बाद हर्षित बने महाशाल विजय और ईलाबेन का नाम हुआ अर्हम् गुणाश्री सभी का वंदन करते हुए।

मुनि महाशाल विजय को नमन करते वृद्धजन।

धर्मसभा का में हुआ ग्रंथ का विमोचन

त्रिदिवसीयदीक्षा महोत्सव के समापन पर कोचरों के चौक में पुंण्डरिकविजयर| महाराज की निश्रा में सभा हुई। सभा में विधायक डॉ. गोपाल जोशी, मानिकचंद सुराना, महापौर नारायण चौपड़ा और पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी.कल्ला ने संयम पथ को पुण्यशाली बताया। सभा में ग्रंथ श्रुत र|ाकर का विमोचन भी किया गया।

खबरें और भी हैं...