बीकानेर। रविवार के दिन परकोटे में बसने वाला पूरा शहर एक मंडप बन गया। सायं चार बजे बाद घर घर से बाराती निकले। इसके बाद तो माहौल ऐसा बन गया मानो पूरा शहर एक छत के नीचे खुशियों से सराबोर हो गया हो। ढोल-ताशों और शंखनाद के बीच केसरियो लाडो की गूंज के साथ निकालती बारातों और बारातियों के उल्लास को देखने के लिए शहर के सड़कों के साथ-साथ हर घर की छत पर भीड़ लगी थी।
यह मौका था शहर के सबसे बड़े वैवाहिक उत्सव पुष्करणा सावे का। दो साल से आने वाले इस सावे में इस बार 150 से अधिक शादियां हुईं। समाज के अलावा भी दूसरे समाज के उन 50 से अधिक परिवारों में भी शादियां हुईं जो परकोटे सहित अन्य क्षेत्रों में रह रहे हैं।
शाम ढलने के बाद परंपरागत विष्णु रूप में दूल्हों के निकलने का क्रम शुरू हो गया। ससुराल पहुंचे दूल्हों को ‘हर आयो-हर आयो काशी रो वासी आयो’ गीत के साथ पोखा गया। महिलाएं विवाह गीत गाती रही। रात साढ़े बारह बजे तक बारातें निकलने का दौर अनवरत चलता रहा। बारातों में चलने के लिए भी लोग बारातियों की मनुहार करते रहे।
रौबिलों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर बारातियों का स्वागत किया। विष्णु रूप में निकले दूल्हाें का कई क्षेत्रों में सम्मान किया गया। सावे की शादियों में निकले बारातों काे रमक-झमक डॉटकॉम पर लाइव दिखाया गया।
पुष्करणा सावे में पुलिस भी चौक-चौबंद रही। सीओ सिटी ममता गुप्ता के नेतृत्व में नयाशहर एसएचओ दर्जा राम, सिटी कोतवाली एसएचओ सौरभ तिवाड़ी अपनी टीम के साथ नत्थूसर गेट से मोहता चौक तक व्यवस्थाएं करते दिखे। कई जगह बनी जाम की स्थिति को भी संभाला गया।