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बीकानेर के प्रमुख एवं महत्वपूर्ण मंदिरों का उल्लेख किया है सोढ़ी ने अपनी कृति में

6 वर्ष पहले
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रायबहादुर सोढ़ी हुक्म सिंह ने अपनी इस कृति में तत्कालीन बीकानेर नगर में विद्यमान प्रमुख मंदिरों के विषय में भी कतिपय महत्वपूर्ण तथ्यात्मक सूचनाएं प्रदान की है, जिनका उल्लेख किया जाना यहां पर प्रासंगिक होगा। उन्होंने लिखा है कि बीकानेर नगर के सर्वश्रेष्ठ तथा महंगे मंदिरों में लक्ष्मीनारायण जी मंदिर तथा राज रतन बिहारी मंदिर है। इनमें से लक्ष्मीनारायण जी का मंदिर नगर का प्रमुखतम मंदिर है तथा राज्य का शासक स्वयं को इन्हीं का दीवान मानता है। इस मंदिर को बीकानेर राज्य के तृतीय नरेश राव लूणकर्ण के द्वारा निर्मित कराया गया था, जिन्होंने सन् 1505 से 1527 तक बीकानेर पर शासन किया था। राज रतन बिहारी मंदिर का निर्माण वि.सं. 1907 अर्थात ई. सन् 1850 में हुआ था। इसका निर्माण महाराजा रतन सिंह के शासन काल के दौरान हुआ था। यह मंदिर वल्लभाचार्य पंथ से संबंधित है। इस पंथ के महाराजा विष्णु गुसांई के बहुत से भक्त बीकानेर में रहते है जिनमें धनाड्य व्यापारिक जातियों जैसे- माहेश्वरी आदि के लोग काफी संख्या में है। बीकानेर में लक्ष्मी जी तथा करणी जी की पूजा -अर्चना बहुत ही भक्ति भाव से की जाती है। कि वे विध्वंस और समृद्धि, दोनों की देवियों के संयुक्त संरक्षण में है। लक्ष्मीनारायण जी तथा राज रतन बिहारीजी मंदिर का समस्त खर्च राज्य के द्वारा ही वहन किया जाता है। सोढ़ी हुक्म सिंह ने बीकानेर नगर में स्थित महत्वपूर्ण मंदिरों में तृतीय स्थान पर घुनी नाथ जी मंदिर को रखा है। यह डिस्पेंसरी भवन के पीछे तथा जगन्नाथ जी मंदिर के सम्मुख स्थित है। इस मंदिर का निर्माण महाराजा सूरत सिंह के समय में एक योगी घुनीनाथ जी के द्वारा वि.सं. 1865 (ई. सन् 1808) में कराया गया था। इस मंदिर को पंच मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। चूंकि इसमें हिन्दू धर्म के पांच प्रमुख देवताओं- ब्रह्मा, विष्णु, महेश, सूरज तथा गणेश भगवान की प्रतिमाएं संस्थापित है। सोढ़ी हुक्म सिंह के द्वारा इस मंदिर के उल्लेख के पश्चात भगवान जगन्नाथ के मंदिर का उल्लेख किया गया है। (लगातार)