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इंस्पायर अवार्ड योजना का राज्य में \"अमंगल\'

7 वर्ष पहले
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अग्रिम बजट लेकर भी नहीं भेजे बच्चे

इंस्पायरअवार्ड योजना का पिछले दो साल से बुरा हाल है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने प्रत्येक जिले को अग्रिम बजट आबंटित किया था। उसके बाद भी कई जिलों में जिला स्तर पर प्रदर्शनी ही नहीं लगाई गई। अधिकांश जिलों ने तो पैसे ही वापस लौटा दिए। बीकानेर में पिछले दो साल से योजना के तहत कोई काम नहीं हुआ। डीईओ कार्यालय को तीन लाख रुपए दिए गए थे, जिसका चैक दो साल बाद निदेशालय को अब मिला है।

^इंस्पायर अवार्ड योजना बच्चों के विज्ञान के प्रति रुचि जगाने के लिए केंद्र सरकार ने लागू की थी लेकिन जिला शिक्षाधिकारियों की बे रुखी के कारण बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। राज्य प्रदर्शनी में छात्रों को नहीं भेजने और जिला स्तर पर प्रदर्शनी नहीं लगाने वाले जिला शिक्षाधिकारियों को चार्जशीट दी जाएगी।\\\'\\\' मोहनलालयादव, उपनिदेशक,योजना, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय

अब योजना ऑन लाइन

12वींपंचवर्षीय योजना में इंस्पायर अवार्ड योजना को ऑन लाइन कर दिया गया है। प्रदेश के करीब 68 हजार स्कूलों को इस योजना से जोड़ा गया है। यह स्कूल कक्षा के टॉपर छात्र का ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे। बालकों प्रमाण पत्र भी ऑन लाइन ही जारी किए जाएंगे। उनका भुगतान भी चैक के माध्यम से सीधे बैंक खाते में होगा। जिलों में योजना को संचालित करने और सूचनाएं भेजने में ढिलाई को देखते हुए केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने यह फैसला किया है।

क्या है योजना

राज्यकी स्कूलों में कक्षा छह से 10वीं तक के छात्रों की विज्ञान और गणित विषय में रुचि पैदा करने के लिए केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने 2008 में इंस्पायर अवार्ड योजना शुरू की थी। कक्षा में और इन विषय में टॉपर छात्र का चयन योजना के तहत किया जाता है। छात्र को विज्ञान का प्रोजेक्ट बनाने के लिए पांच हजार रुपए देने का प्रावधान है। चयनित छात्रों के प्रोजेक्ट की पहले जिला स्तर पर प्रदर्शनी लगाई जाती है। उसमें राज्य स्तर की प्रदर्शनी के लिए प्रोजेक्ट का चयन किया जाता है। राज्य स्तर की प्रदर्शनी में टॉपर रहने वाले प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रदर्शनी में रखा जाता है। वहां देशभर के छात्र अपने प्रोजेक्ट का प्रदर्शन करते हैं।

नवीन शर्मा | बीकानेर

देशआज जहां मंगल मिशन की सफलता पर गर्व की अनुभूति कर रहा है वहीं स्कूली बच्