मंगल मिशन की सफलता पर प्रसन्नता जताई
इसरोद्वारा मंगल यान को सफलता पूर्वक मंगल ग्रह पर स्थापित करने पर बीकानेर इंजीनियर्स फोरम सहित विभिन्न संस्थानों ने प्रसन्नता जताई है। फोरम के संयोजक ऋषि कुमार तंवर, बी कृष्णन, एम के पठान, एल पी बैरवा, अख्तर हुसैन, बी एस राठौड़, विजय वर्मा, राजेश पुरोहित, विकास गुप्ता, सुनील पुरोहित, अरुण बैद, दिनेश चौधरी आदि विभिन्न विभागों के अभियंताओं ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में मंगल उत्सव मनाया। केन्द्रीय विद्यालय नंबर एक में सुबह पौने सात बजे से पौन नौ बजे तक दूरदर्शन पर आया लाइव प्रसारण दिखाया गया।
स्कूल के प्रिंसिपल आलोक चतुर्वेदी ने बताया कि कक्षा नौ से 12 तक के करीब 550 छात्र-छात्राओं ने मंगलयान के प्रक्षेपण का सीधा प्रसारण देखा। रानी बाजार उद्योग संघ के सचिव कमल बोथरा, अध्यक्ष नरेश सुराना, विजय राठी समेत तमाम पदाधिकारियों ने इसे भारतीय वैज्ञानिकों की अप्रतिम सफलता बताते हुए खुशी व्यक्त की। वल्लभ गार्डन विकास मंच ने न्यू सेंट पाल स्कूल एवं लालेश्वर महादेव मंदिर में बच्चों लोगों के साथ मंगल मिशन की सफलता पर खुशी साझा की। संवित् सोमगिरि महाराज ने साधकों पदाधिकारियों का मुंह मीठा करवाया कहा कि हमारे वैज्ञानिकों ने एक नए अध्याय की शुरुआत की है।
अध्यक्ष विवेक मित्तल, रामचंद्र मुलू, एल एन जोशी, सुदर्शन डूडी, फूसाराम मीणा, आलोक सिन्हा ने भी खुशी जताई। वहीं दूसरी ओर मंगल यान कक्षा में स्थापित होने पर एंजेल इंग्लिश स्कूल मुरलीधर व्यास कॉलोनी परिसर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षकों विद्यार्थियों ने मंगल यान कक्षा में स्थापित होने की बधाई दी। संस्थान प्रधान महेश व्यास ने विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी देते हुए कहा कि भारत पहला देश बन गया जिसने पहले ही प्रयास में मंगल की कक्षा में अपने उपग्रह को स्थापित किया है। सबसे कम लागत में तैयार उपग्रह के सारे उपकरण भी भारत में ही निर्मित किए गए हैं।
इसे स्थापित करने के लिए भारत ने लिक्विड मोटर इंजिन तकनीक का इस्तेमाल किया है। उन्होंने बताया कि सिर्फ 15 माह में अंतरिक्ष यान को तैयार कर अंतरिक्ष में स्थापित करने की चुनौती को भारतीय वैज्ञानिकों ने स्वीकार इसमें सफलता भी प्राप्त कर ली है। विज्ञान के अध्यापक रामचंद्र कुम्हार ने कहा कि हर 26 माह में एक मौका ऐसा आता है जब मंगल धरती के