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प्रमाेशन पाकर परेशान हैं जलदाय विभाग के अधिकारी
बीकानेर | पीएचईडीमें प्रमोशन पाकर जेईएन से एईएन बने अधिकांश अधिकारी पदोन्नति की परेशानी झेल रहे हैं। वजह, सरकार ने पदोन्नति तो दे दी लेकिन जेईएन के पद नहीं भरे। ऐसे में जो जेईएन अपने एक हलके का काम करते थे वे एईएन बनने के बाद बड़ी जिम्मेवारी निभाने के साथ ही दो से तीन जेईएन के हलके का काम भी देखने लगे। सुबह से रात तक टूटी पाइप लाइनों और लीकेज के इर्द-गिर्द चक्कर लगाते हुए प्रमोशन को कोस रहे ऐसे अधिकारियों को अब राज्य मंत्रिमंडल की ओर से जेईएन की भर्ती के निर्णय से थोड़ी उम्मीद बंधी है।
सरकार ने फरवरी में 520 जेईएन को प्रमोशन देकर एईएन बना दिया। इससे पहले जनवरी-13 में भी लगभग 200 अभियंताओं की इसी तरह पदोन्नति हुई। इस दौरान कुछ लोग रिटायर भी हो गए। ऐसे में प्रदेश में जेईएन के लगभग 1000 पद खाली हो गए। बीकानेर जोन का ही उदाहरण लें तो यहां पदोन्नति के बाद कनिष्ठ अभियंता के 54 में से 45 पद खाली हो गए। ऐसे में जो एईएन बने वे जेईएन के इन खाली पदों का काम भी संभाल रहे हैं। अधिकांश एईएन के पास दो से तीन जेईएन का काम भी है। जाहिर है इसका असर जलापूर्ति और वितरण व्यवस्था भी पड़ रहा है। जलदाय विभाग के अभियंताओं ने इस मसले को बार-बार सरकार के सामने रखा। ऐसे में अब सरकार ने नई नियुक्ति का निर्णय तो ले लिया है लेकिन भर्ती की प्रक्रिया पूरी होने में लगभग सालभर का समय लग सकता है। तब तक इन अभियंताओं की परेशानी कम होने की संभावना नहीं।
ग्रेड-पे बढ़ने की खुशी
जलदायविभाग के तकनीकी कर्मचारियों का ग्रेड-पे बढ़ाने की लंबित मांग पूरी होने पर कर्मचारियों ने खुशी जताई है। वाहन चालक एवं तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेश संयुक्त महामंत्री जयकिशन पारीक का कहना है, सरकार ने वेतन विसंगति का निस्तारण करते हुए ग्रेड-पे 2800 की जगह 3600 रुपए करने का आदेश दिया है। अब तक पंप चालक फर्स्ट, फिटर, विद्युतकार को प्रमोशन के बाद भी 2800 का ग्रेड-पे मिल रहा था। इसी तरह 9,18 27 की सेवा पूर्ण करने पर मिलने वाले लाभ के बावजूद यही ग्रेड-पे मिल रहा था। इसे सुधारने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। कर्मचारी संघ के इस आंदोलन की आखिरकार जीत हुई है।
रिटायरमेंट के नजदीक आने पर बने हैं एईएन
डीपीसीसे एईएन बने लोगों में 10 से लेकर 34 वर्ष तक की सेवा पूर्ण करने वाले हैं। ऐसे में कुछ लोगों को रिटायरमेंट के बिलकुल नजदी