बीकानेर. लूणकरणसर में पिछले तीन महीने से उत्पात मचा रहे तेदुएं पकड़ने के लिए शुक्रवार से कांबिंग अभियान किया गया।
जोधपुर से विशेषज्ञों की एक टीम बीती रात ही लूणकरणसर पहुंच गई। कुछ बीकानेर से वनकर्मियों को इस टीम में शामिल किया गया। शाम पांच बजे लूणकरणसर की आरडी 303 के पास से कांबिंग अभियान शुरू किया गया। कांबिंग का मतलब कतारबद्ध लोग एक साथ पूरे इलाकों को छानते हुए आगे बढ़ेंगे। टीम के पास बंदूकें हैं ताकि तेंदुए को बाहर निकलते ही इंजेक्ट कर उसे बेहोश किया जा सके। अभियान दिन-रात चलेगा।
टीम को उम्मीद है कि तेंदुए जहां भी छिपा बैठा है वह ढोल-नगाड़े और पटाखों से आवाज सुनकर बाहर निकलेगा। बाहर निकलते ही उसे बेहोश किया जाएगा। वन अधिकारियों का कहना है कि अब तेंदुए को पकड़कर ही दम लेंगे। जरूरत पड़ी तो और संसाधन मंगाए जाएंगे। रेत में दौड़ने वाली विशेष वाहन भी मंगाए गए हैं। कुछ सदस्यों को पेंथर के पद चिन्ह तलाशने के लिए जुटाया गया है ताकि उसकी लोकेशन मिल सके। उल्लेखनीय है कि तीन महीने से तेंदुए लूणकरणसर क्षेत्र के आसपास है और भूख मिटाने के लिए पशुओं का शिकार कर रहा है। गुरुवार को भी एक बछड़े का शिकार किया था। इसको लेकर ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया था। उसके बाद ही वनविभाग हरकत में आया है।
काम नहीं आए सीसीटीवी कैमरे
तेंदुएको पकड़ने के लिए दो महीने पूर्व क्षेत्र में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों में एक भी फुटेज नहीं आई। इस कारण शुक्रवार को उन कैमरों को हटा लिया गया। विभाग लगातार उन कैमरों पर नजर बनाए हुए था मगर तेंदुए कैमरों के सामने से होकर नहीं गुजरा।
छोटे बच्चों को अंदर रखें
वनविभाग ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वह छोटे बच्चों को संभाल कर सकें। कांबिंग के दौरान इरिटेशन में तेंदुए छोटे बच्चों पर हमला कर सकता है। भेड़-बकरी सहित अन्य पशुओं को घर के अंदर बांधें ताकि तेंदुए को शिकार करने का मौका मिले। यदि चार दिन तक उसे शिकार का मौका नहीं मिला तो वह अपने स्थान से बाहर निकलेगा। बाहर निकलते ही उसे दबोच लिया जाएगा।
वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए अभियान तेज कर दिया है। कांबिंग से अब वह नहीं बच सकेगा। कुछ ही दिनों में उसे पकड़ लिया जाएगा। स्थानीय लोगों को अभियान में सहयोग करना होगा। - रामनिवासकुमावत, डीएफओ वन्यजीव