अभियंताओं पर झूठी एफआईआर बर्दाश्त नहीं
किसीऔर की गलती के कारण दुर्घटना के शिकार हुए युवक के मामले में विद्युत निगम के अभियंताओं पर मुकदमा दर्ज करवाना सही नहीं है। इस तरह विद्युत निगम के अभियंताओं के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज होगी तो उनका मनोबल टूट जाएगी। इसलिए शुक्रवार को गंगाशहर थाने में एईएन मुकेश सत्यानी जेईएन मोहित भारती के खिलाफ दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। ये विचार शनिवार को बिजली इंजीनियर एसोसिएशन आफ जोधपुर (बेजोड़) की एसई (सिटी) कार्यालय में हुई बैठक में अभियंताओं ने रखे। अभियंताओं ने बताया कि मुरलीधर व्यास कॉलोनी में करंट से जिस युवक की मौत हुई थी वह कार्य यूआईटी का था। यूआईटी उसके ठेकेदार बुंदू खां ने निगम से शट डाउन लिए बिना ही युवक को लाइन पर चढ़ा दिया। इससे उसकी मौत हुई।
इसमें निगम कहीं भी जिम्मेदार नहीं है फिर भी एफआईआर हमारे अभियंताओं के खिलाफ दर्ज करवाई गई है। उन्होंने इस संबंध में निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। ऐसा नहीं करने पर अभियंताओं ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
बैठक में कार्यवाहक एसई (सिटी) जेके सोनी, एक्सईएन बीआरके रंजन, हेमेंद्र जिंदल, एईएन धीराचंद शिवरान, रजीराम सहारण, विकास गुप्ता, अब्दुल माजिद, जेईएन नवरतन रंगा, नद्दीम प्रियंका सोनी आदि शामिल थीं।