बीकानेर. रवींद्र रंगमंच में अब एक और जहां नाटक मंचित होगा, वहीं दूसरी ओर शहनाइयां गूंजेगी। दोनों समारोह एक साथ चलेंगे लेकिन एक-दूसरे को प्रभावित नहीं करेंगे। तो कलाकारों के डायलाॅग शादी के मंडप तक पहुंचेंगे अौर ही शहनाइयां कलाकारों की एकाग्रता भंग कर पाएगी क्योंकि दोनों ही हॉल सांउड प्रूफ होंगे।
रंगमंच का अब मल्टीपरपज यूज होगा। रंग कलाकारों का सपना साकार होने के साथ-साथ इसमें शादी अन्य कल्चरल एक्टीविटी होगा। इसके लिए ब्लेंकेट हॉल बनाया जाएगा। जिला प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए रंगमंच निर्माण की शुरुआत में रहे कंसलटेंट से पूछा जा रहा है कि क्या रवींद्र रंगमंच का जो ढांचा वर्तमान में खड़ा है वह ब्लेंकेट हॉल इसमें होने वाली गतिविधियों का भार सहने में सक्षम होगा।
इस कंसलटेंट की रिपोर्ट अगले दो-तीन दिन में मिल जाएगी और इसके आधार पर काम शुरू हो जाएगा। इस रिपोर्ट के बाद इस रंगमंच को फिर से मार्डनाइजेशन किया जाएगा।
विदित रहे कि 19 से 30 जून तक बीकानेर संभाग के दौरे पर आई राज्य सरकार ने केबिनेट बैठक से पहले हाफिज कंसलटेंट के कार्ड वाडिया ने रंगमंच के वर्तमान स्वरूप को देखकर इसका मल्टीपरपज यूज करने का सुझाव दिया था। मुख्यमंत्री ने कंसलटेंट नियुक्त करने के लिए बजट तीन लाख 55 हजार रुपए मंजूर किए थे। जुलाई के अंतिम सप्ताह में जयपुर में यूडीएच की बैठक में इसके स्वरूप सुधारने और अपडेट करने पर बात हुई।
कंसलटेंट की रिपोर्ट आने के बाद राज्य सरकार से पूछ जाएगा कि आगे क्या करना है। अगर केवल रंगमंच का स्वरूप ही रखा जाएगा तो अक्टूबर तक काम दुबारा शुरू करवा कर इस वित्तीय वर्ष में इसे पूरा करवाने का प्रयास किया जाएगा। -अजय असवाल, सचिवयूआईटी
चार करोड़ में बनेगा ब्लेंकेट हॉल स्टेज
रंगमंच के ऊपरी हिस्से में ब्लेंकेट हॉल और स्टेज के साथ-साथ पुराने ढांचा को सपोर्ट करने के लिए पिलर बनाने के काम पर करीब चार करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस बढ़े हुए खर्चे का काम पूरा होने में भी करीब एक वर्ष का समय लग जाएगा।
अब तक ये होगा है रंगमंच में
एकबार फिर डेढ़ साल बाद रवींद्र रंगमंच का काम शुरू होने की उम्मीद जगी है। 10वें प्रयास में किसी ठेकेदार ने रंगमंच का स्टेज तैयार करने में रुचि दिखाई है।