नेताओं की चौखट पर पहुंचे कर्मचारी
सिंचितक्षेत्र विकास विभाग की विंग को खत्म करने के प्रस्ताव के बाद अब कर्मचारियों ने नेताओं की शरण ली है। बीकानेर पूर्व और पश्चिम विधायक के बाद रविवार को सांसद अर्जुनराम मेघवाल के पास कर्मचारी पहुंचे और सीएडी को बचाने की गुहार की। कर्मचारियों ने सांसद से कहा कि कुछ अधिकारियों ने गुपचुप रिपोर्ट तैयार कर विभाग को तोड़ने की साजिश की है। ये अधिकारी सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिस वक्त टीम यहां पहुंची थी उस वक्त तो सीएडी आयुक्त से कोई चर्चा हुई और ही उन विंग के अधिकारियों से जिन्हें तोड़ने की साजिश की गई है। एक ही अधिकारी से यहां चर्चा कर प्रस्ताव सरकार को भेज दिए गए। अब उन्हें क्रियान्विति करने का दबाव बनाया जा रहा है। कर्मचारियों ने सांसद को बताया कि ये बड़ी व्यूह रचना बनाई जा रही है जिससे कि मुख्य अभियंता कार्यालय श्रीगंगानगर स्थापित किया जा सके। सरकार को गलत रिपोर्ट दी जा रही है कि यहां काम खत्म हो गया है। भाखड़ा सहित कुछ अन्य परियोजनाओं में खाळा निर्माण का काम शेष है। इसके अलावा कुछ और जिलों में भी काम होना है। बावजूद इसके रिपोर्ट दी जा रही है कि यहां कोई काम नहीं है। सीएडी के कामों के लिए केन्द्र सरकार से भी अनुदान मिलता है और बिना केन्द्र की अनुमति से ये फैसले लिए जा रहे हैं। सांसद से मिलने वालों में संयुक्त संघर्ष समिति के कैलाश चंद, प्रदीप वैद्य, आनंदसिंह, जगदीश मोदी, अमित जोशी, सतीश गहलोत, भगवती प्रसाद, किसन माली, गौरव पुरोहित, आदित्य भार्गव, गणेश सुथार, रतनसिंह रघुवंशी सहित अनेक कर्मचारी मौजूद थे। सांसद मेघवाल ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में सीएडी के लिए घोषणा करते हुए
^बजटका प्रावधान किया था। दूसरी ओर कुछ अधिकारी गुपचुप तरीके से विभाग को तोड़ने में जुटे हैं। वित्तीय सलाहकार आैर मुख्य अभियंता पश्चिम से भी सलाह नहीं ली गई। कुछ अधिकारी सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने में जुटे हैं।\\\'\\\'
आनंदपणिया, संयोजकसंघर्ष समिति