बीकानेर. कोर्ट परिसर में व्यवस्थाओं को सुधारने का दावा मंगलवार को जिला प्रशासन ने अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश (कख) के सामने किया।
प्रशासन की ओर से लोक अभियोजक सतपालसिंह शेखावत की आेर से प्रस्तुत महावार रिपोर्ट में यह दावा किया है कि पुराने कोर्ट परिसर में पार्किंग के लिए सफेद लाइनिंग अौर अवैध ठेलों अतिक्रमणों को हटाया जा चुका है।
पार्किंग के लिए ठेका देने की कार्रवाई प्रगति पर है तो पुराने कोर्ट परिसर में अनुपयोगी पेड़ों और झाड़ियों की छंगाई करवाने का काम चल रहा है। ट्रेफिक पुलिस ने दावा किया है कि यूआईटी की ओर से करवाई गई व्हाइट लाइन में वाहन खड़े करवाए जा रहे हैं। यहां पार्किंग और यातायात व्यवस्था सुचारु करने के लिए तीन यातायातकर्मियों को नियुक्त किया गया है।
नए और पुराने कचहरी परिसर में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को आने से रोके। वहीं यातायात पुलिस के सीनियर उप निरीक्षक और कांस्टेबल को इस बात के लिए पाबंद किया गया है कि वह कचहरी परिसर में बेतरतीब खड़े रहने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करे। वे समय-समय पर कचहरी परिसर की चैकिंग भी करें। कोर्ट में प्रस्तुत पालना रिपोर्ट पर जवाब 30 अक्टूबर को पेश किया जाएगा।
यह है मामला
एडवोकेट प्रेमनारायण हर्ष ने 1998 में एक वाद कोर्ट में पेश किया था। वाद में कचहरी परिसर के हालात बयां किए गए थे। यातायात सफाई की बदहाल व्यवस्था को उजागर किया गया था। साथ ही माहौल को स्वच्छ सुंदर बनाने की मांग की गई थी।
कोर्ट ने 2005 में उसे डिक्री कर दिया। सरकार ने जिला न्यायालय में अपील भी लेकिन उसे खारिज कर दिया गया। उसके बाद सरकार हाई कोर्ट चली गई। लेकिन वहां भी हार गई। इस दौरान कचहरी परिसर की तरफ ध्यान ही नहीं दिया गया। डिक्री की पालना करवाने के लिए एडवोकेट हर्ष ने 2009 में इजराय प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर दिया। जिसकी सुनवाई चल रही है।
सानिवि ने विकास कार्य के लिए सरकार से मांगें 53 लाख रुपए
सानिविकी ओर से नए और पुराने कोर्ट परिसर के सौन्दर्यीकरण के लिए 53 लाख रुपए के प्रस्ताव राज्य सरकार को भिजवाए गए हैं। सानिवि की ओर से कोर्ट में प्रस्तुत रिपाेर्ट में इन प्रस्तावों की कॉपी लगाई है। इसमें बताया गया है कि सानिवि पुराने कोर्ट परिसर में 34.75 लाख आैर नए कोर्ट परिसर में 17.26 लाख रुपए के विकास कार्य करवाएगी।