बीकानेर। अगले वित्तीय वर्ष में नगर निगम करों और सरकार से मिलने वाले अनुदान से शहर को स्मार्ट बनाने की ओर कदम बढ़ाएगा। गुरुवार को महापौर ने अपने पहले बजट को सफाई और विकास पर केन्द्रित रखा।
महापौर नारायण चौपड़ा ने वर्ष 2015-16 के लिए एक अरब, 83 लाख, 94 हजार रुपए का बजट रखा, जिसे पार्षदों ने सर्वसम्मति से पास कर दिया। नगर निगम 40 करोड़ रुपए जहां नगरीय विकास कर से और छह करोड़ रुपए गृहकर से वसूल करने योग्य माना।
इसके अलावा नगर विकास न्यास से विकास शुल्क के रूप में आठ करोड़ रुपए मिलने का प्रावधान किया है। इस रािश से शहर में सीवरेज, सड़क और नाली बनान और मरम्मत के काम करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में बीजेपी और कांग्रेस के पार्षदाें ने शहर के विकास के लिए एकजुट प्रयास करने का वादा किया तो आय बढ़ाने के लिए अधिकारियों के साथ घर-घर तक जाने की बात कही।
इन्होंने भी दिए सुझाव
अखिलेश प्रतापसिंह, शिवकुमार रंगा, राजेन्द्र शर्मा, हारुन राठौड़, सोहनलाल प्रजापत, विनोद धवल, गिरिरराज जोशी, दिनेश उपाध्याय, हजारीमल देवड़ा, कृष्णा कंवर शेखावत, राजेन्द्र पंवार, जावेद पड़िहार आदर्श शर्मा ने नगर निगम की अाय बढ़ाने के लिए सुझाव दिए।
ये होंगे आय के मुख्य स्त्रोत
बजट में करों से मिलने वाली आय तो नगर निगम के कर्मचारियों के वेतन भत्तों पर खर्च हो जाएगी। निगम ने गृहकर, नगरीय विकास कर अन्य करों से 3790 लाख रुपए, वधग्रह अनुमति प्रमाण-पत्र, भवन निर्माण की मंजूरी, विज्ञान साइन बोर्ड शुल्क सहित अन्य पर 212 करोड़ रुपए की आय होगी।
वहीं विवाह स्थलों का पंजीयन, होटल बॉयलाज से आय, रजिस्ट्रेशन शुल्क
मोबाइल टावर की मंजूरी और कच्ची बस्ती नियमन से 372 लाख रुपए की आय होने की उम्मीद जताई है। जनता काे भूमि विक्रय, यूआईटी से प्राप्त विकास शुल्क अन्य से 2230 लाख रुपए की आय के अलावा सरकार से 1000 लाख रुपए का सरकारी अनुदान ही नगर निगम की आय के प्रमुख स्त्रोत होंगे।
निगम आयुक्त के बैठक में नहीं पहुंचने पर पार्षद आदर्श शर्मा ने नाराजगी जताई। कांग्रेसी पार्षदों ने भी आधा घंटे इंतजार करने के बाद अधिकारियों को मौके पर बुलाने की बात कही, जब तीनों ही अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे तो कांग्रेसी पार्षदों ने अधिकारियाें और महापौर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया।
इसके बाद महापौर ने बैठक को साढ़े बारह बजे तक स्थगित कर दिया। बाद में कांग्रेस के पार्षदों से चर्चा कर उनके मांग पत्र को अगली बैठक में रखने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद विपक्षी पार्षद दुबारा शुरू हुई मीटिंग में पहुंचे। बैठक के अंत में महापाैर ने कांग्रेस के मांग-पत्र को सदन में पढ़ा।
इन मदों पर होगा खर्चनिगम कर्मचारियों के वेतन भत्तों पर 1434 लाख रुपए, कर वसूली पर खर्च और भत्ते 183 लाख रुपए, सीवरेज लाइनों को बदलने और मेंटीनेंस पर 150 लाख रुपए, सड़क, नाली के निर्माण मरम्मत पर तीन सौ लाख रुपए, नई सड़कों के निर्माण पर छह सौ लाख रुपए उद्यान निर्माण पर दो लाख सहित सार्वजनिक शौचालय निर्माण, बिजली लाइनों की मरम्मत सहित अन्य कामेां पर एक अरब, 21 लाख, 78 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।
रेलवे क्रॉसिंग की समस्या का निकले हलपार्षद प्रेमरतन जोशी ने कोटगेट रेलवे क्रॉसिंग की समस्या के समाधान का मुद्दा उठाया। बैठक के बाद प्रस्ताव को बजट मीटिंग की कार्रवाई में शामिल किया गया और राज्य सरकार के पास भिजवाने का निर्णय लिया गया। प्रस्ताव में बताया गया कि क्रॉसिंग बंद होने के बाद कैसे शहर रेंगने लगता है और उससे क्या-क्या समस्याएं रही है।
बीजेपी की महिला पार्षद ने ही जताया विराेधबजट बैठक में पहुंची 51 नंबर वार्ड की बीजेपी पार्षद भावना गहलोत ने ही सफाई के मुद्दे पर महापौर और अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्न चिह्न खड़ा कर दिया। पार्षद ने सदन में बताया कि सफाई के लिए जब अधिकारियों को कहते हैं तो वे कहते हैं कि आप हैल्पलाइन पर बताए लेकिन हैल्प लाइन पर कोई फाेन उठाता नहीं है। ऐसे में जनता उन्हें गालियां निकालती है। और तो और पार्षद के घर के आगे कचरा पड़ा है।