सीएडी पदाधिकारी जयपुर रवाना
सीएडी में बचेगी मंडी इंजीनियरिंग विंग
कृषिविस्तार, अनुसंधान, भू-जल, मंडी, इंजीनियरिंग, वित्तीय सलाहकार सतर्कता जैसी विंगों को साथ लेकर चलने वाले सिंचित क्षेत्र विकास का कुनबा अब सिकुड़ने वाला है। अध्यक्ष प्रशासनिक सुधार मानव संसाधन एवं जनशक्ति आयोजना समिति की रिपोर्ट के बाद मंडी और इंजीनियरिंग विंग को छोड़ सभी को तोड़ने की अनुशंसा की गई है।
चार अगस्त को सीएडी के पास इस कार्रवाई को पूरा करने का आदेश भी गया जिसमें 93 पदों को तोड़ने की अनुशंसा शामिल है। रिपोर्ट में मंडी विकास समिति को बनाए रखने के साथ ही विभागाध्यक्ष की नियुक्ति की पुरजोर पैरवी की गई है मगर कृषि विस्तार, वित्तीय सलाहकार, अनुसंधान इकाई, भू-जल इकाई की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं। इसी कारण इन्हें समाप्त करने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट में विंग के साथ ही सीएडी आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त, निजी सचिव, वरिष्ठ निजी सहायक, सहित आयुक्तालय का पूरा कार्यालय ही तोड़ने के लिए कहा गया। सीएडी आयुक्त का काम संभागीय आयुक्त अतिरिक्त संभागीय आयुक्त को सुपुर्द देने की सिफारिश की गई है।
ये है रिपोर्ट के अंश
मंडी मजबूत करो
रिपोर्टमें मंडी विकास समिति विभागाध्यक्ष की शक्तियां लौटाने की अनुशंसा की गई है जो 1997 में सीएडी आयुक्त को सौपी गई थी। प्रशासनिक अधिकारी का 2009 से रिक्त चल रहे पद को भरने की अनुशंसा की गई।
अनुबंध पर रखें अभियंता
सीएडीइंजीनियरिंग विंग में कुल 629 पदों के विरुद्ध 252 पद रिक्त हैं। प्रशासनिक एवं समन्वय इकाई में 284 के विरुद्ध 96 पद हैं। इस कारण यहां काम कराने के लिए अनुबंध पर अभियंताओं को लगाने की अनुशंसा की गई।
ये टूटेंगे 93 पद
>सीएडी आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त, निजी सचिव, वरिष्ठ निजी सहायक, निजी सहायक, जमादार के एक-एक, वाहन चालक के दो चतुर्थ श्रेणी के चार पद।
> प्रशासनिक एवं समन्वय अनुभाग से कनिष्ठ लिपिक के पांच, कनिष्ठ लिपिक के छह, हाली, माली के एक-एक पद।
> वित्त एवं लेखा कार्यालय से वित्तीय सलाहकार, लेखाधिकारी, वरिष्ठ निजी सहायक, कार्यालय अधीक्षक वाहन चालक का एक-एक, सहायक लेखाधिकारी के चार, लेखाकार के दो, कनिष्ठ लेखाकार के छह, वरिष्ठ लिपिक के पांच,कनिष्ठ लिपिक के आठ चतुर्थ श्रेणी कर्मचािरियों के चार पद।
> सर्तकता एवं गुण नियंत्रण इकाई से अधीक्षण अभियंता, सहायक अनु अधिकारी,