पीबीएम सुपरिटेंडेंट और नर्सेज में ठनी
पीबीएमहॉस्पिटल में सुपरवाइजर से लेकर नर्सिंगकर्मियों तक की ड्यूटी में किए जा रहे बदलाव के मसले पर सुपरिटेंडेंट और नर्सिंगकर्मियों में ठन गई है। नर्सेज का आरोप है कि राजनीतिक दबाव और दुर्भावना के कारण ड्यूटियां बदली जा रही है। इसी आरोप के चलते सोमवार को सुपरिटेंडेंट से मिलकर विरोध जताया।
नर्सेज एसोसिएशन की अध्यक्ष संतोष तंवर की अगुवाई में सुपरिटेंडेंट डा.के.के.वर्मा से मिलने पहुंचे कर्मचारियों ने पिछले महीनेभर में हटाए गए नर्सेज का ब्यौरा दिया। आरोप लगाया, इनमें से उन लोगों की ड्यूटी यथावत रख दी गई जिन्होंने राजनीतिक प्रभाव का उपयोग लिया। बाकी सभी लोगों को दूसरी जगहों पर लगा दिया। किसी कार्य-व्यवस्था या नीति के बगैर की गई इस उथल-पुथल से लगता है कि प्रशासन कर्मचारियों के साथ दो तरह का व्यवहार कर रहा है। इसे सहन नहीं करेंगे। सभी लाेगों के साथ एक जैसा व्यवहार सुनिश्चित नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे। सुपरिटेंडेंट डा.वर्मा ने राजनीतिक प्रभाव या दबाव से इनकार किया। डा.वर्मा का कहना है, काम को सुचारु रखने के लिहाज से नर्सेज का कार्यस्थल बदला है। इसमें किसी तरह की दुर्भावना नहीं है।
पीबीएम हॉस्पिटल अधीक्षक्र से मिलते नर्सिंगकर्मी।
^आई-ईएनटी और पीडिएट्रिक हॉस्पिटल से नर्सिंग सुपरवाइजर हटा दिए जबकि बाकी जगह यथावत हैं। इसी तरह पांच नर्सिंगकर्मियों को कार्डियोलॉजी से हटाकर ब्लाॅक में भेज दिया। बाद में दो को वापस भेज दिए। तीन रह गए। ईएनटी से भी दो लोगों को पहले हटाया, वापस भेज दिया। ऐसे में जिन लोगों के पास राजनीतिक सिफारिश नहीं उन सभी को परेशान किया जा रहा है। इसे सहन नहीं करेंगे।\\\'\\\'
संतोषतंवर, अध्यक्षनर्सेज एसोसिएशन