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रिश्वत लेकर होते हैं छात्रवृत्ति के बिल पास

7 वर्ष पहले
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स्कूल-कॉलेजोंमें पढ़ने वाले छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति के बिल रिश्वत लेकर पास किए जाते हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने वेटरनरी छात्र की छात्रवृत्ति का बिल पास करने के बदले 3000 रुपए की रिश्वत लेते सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के कनिष्ठ लिपिक को रंगेहाथों गिरफ्तार किया है।

ब्यूरो के एएसपी नरोत्तम वर्मा ने बताया कि वेटरनरी में द्वितीय वर्ष के छात्र पीलीबंगा निवासी मोहित कुमार पारीक ने शिकायत की थी कि वह बीपीएल वर्ग से है। उसे सरकार की ओर से 29,800 रुपए की छात्रवृत्ति मिलती है। छात्रवृत्ति का बिल पास करने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के एलडीसी भुवनेश शर्मा 5,000 रुपए की रिश्वत मांग रहा है। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन करवाया। गुरुवार को सायंकाल परिवादी रानीबाजार में चौपड़ा कटला स्थित विभाग के ऑफिस पहुंचा जहां आरोपी ने 3000 रुपए लेकर अपनी पेंट की जेब में डाल लिए। शेष 2000 रुपए बाद में देना तय हुआ था। इस दौरान ब्यूरो की टीम में शामिल इंस्पेक्टर सलावत खां, सत्यवीर, हेड कांस्टेबल हंसराज, कांस्टेबल बजरंग, रामप्रताप, गिरधारी ड्राइवर महेश कुमार ने आरोपी एलडीसी को दबोच लिया। उसके जेब से रिश्वत की राशि बरामद कर ली और हाथ धुलवाए तो गुलाबी रंग भी गया। अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। उसे शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। आरोपी के जयपुर रोड पर छाबड़ा कॉलोनी स्थित निवास स्थान पर तलाशी ली जा रही है। एसीबी ने संबंधित दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। कागजातों की छानबीन से सामने आया है कि छात्रों से रिश्वत लेकर बिल पास किए जाते थे।

रिश्वत के आरोपी से पूछताछ करते भ्रष्टाचार ब्यूरो के अधिकारी।

मृतक आश्रित कर्मचारी है आरोपी

रंगेहाथोंरिश्वत लेते धरा गया एलडीसी भुवनेश शर्मा मृतक आश्रित कर्मचारी है। उसके पिता विनोद कुमार शर्मा सरकारी मुद्रणालय में कार्यरत थे। पिता की मृत्यु के बाद 25 नवंबर, 09 को उनकी जगह भुवनेश नौकरी लगा। जुलाई, 13 में वह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के बीकानेर ऑफिस में आया था। उससे पहले वह सीकर में कार्यरत था।