अब पशुओं का भी हो सकेगा सिटी स्केन
अबपशुओं का भी सिटी स्केन हो सकेगा। पशुओं के शरीर की आंतरिक जांच और रोग उपचार के लिए वेटरनरी विश्वविद्यालय में सिटी स्केन मशीन लगाई जाएगी।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने इसके लिए विश्वविद्यालय को 2.78 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। विश्वविद्यालय स्तर पर इस मशीन को खरीदने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस मशीन की खरीद जून माह तक की जाएगी। 2.78 करोड़ रुपए की यह मशीन विवि के बीकानेर स्थित वेटरनरी सर्जरी और रेडियोलॉजी विभाग में लगाई जाएगी। विवि के प्रमुख अन्वेषक डॉ. प्रवीण बिश्नोई ने बताया कि सीटी स्केन मशीन के आने से पशुओं में विशेषकर श्वानों में रोग निदान के क्षेत्र में विश्वविद्यालय का टीवीसीसी पहला केंद्र होगा जहां अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग शुरू होगा। वहीं राज्य के श्रेष्ठ नस्ल की गुणवत्ता और कीमती पशुधन के लिए रोग निदान और उपचार की सुविधा प्राप्त हो जाएगी।
इस परियोजना में मिला बजट
भारतीयकृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के अखिल भारतीय नेटवर्क कार्यक्रम के तहत ‘डॉयग्नोस्टिक इमेजिंग एंड मैनेजमेंट ऑफ सर्जिकल कंडीसन इन एनीमल्स’ परियोजना वेटरनरी विश्वविद्यालय सहित देश के चार संस्थानों में शुरू की गई है। जिसमें चेन्नई, लुधियाना, मथुरा और इज्जतनगर शामिल है। इस परियोजना के तहत आईसीएआर ने विश्वविद्यालय को 2.78 करोड़ का बजट मंजूर किया है।
^देश के पशुचिकित्सा शिक्षा संस्थानों में पशुओं के लिए पहली सिटी स्केन मशीन विश्वविद्यालय में लगाई जाएगी। मशीन क्रय करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। आवश्यक सुविधाएं सृजित कर आगामी जून माह तक पशु जांच के लिए इस मशीन का उपयोग शुरू कर दिया जाएगा। प्रो.ए.के.गहलोत,कुलपति, वेटरनरी विवि