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मेरी खुशियां अगर बिकती हो तेरे गम खरीद सकता हूं...

5 वर्ष पहले
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नागौर | संगीतगायन के कलाकारों और वीर तथा हास्य रस के कवियों की कला का संगम जब नागौर की सरजमीं पर हुआ तो जर्रा जर्रा कह उठा.... तारीख वक्त तू ठहर जा यहीं पर कहीं..... आज मौका है, मुक्तशर है.....फिर ना जाने कब होगा ये मिलन... दैनिक भास्कर का ऐसा ये कवि सम्मेलन है...। जी हां हम बात कर रहे हैं मंगलवार रात को दैनिक भास्कर की ओर से नागौर की सरजमीं पर पहली बार आयोजित कवि सम्मेलन की। इस सम्मेलन में साहित्यिक, गायन कविताओं के कलाकारों का जो फन दिखा उसकी दाद देने के लिए शहर के लोग पूरी रात जमे रहे।

कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती वंदना के साथ की गई। इस अवसर पर नगर सभापति कृपाराम सोलंकी एसपी गौरव श्रीवास्तव बीकानेर भास्कर के संपादक मधु आचार्य ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया। इसके बाद एक से बढ़कर एक गीत एवं कविताओं से उपस्थित लोग मंत्र मुग्ध हो गए। इस दौरान नागौर यूनिट हैड सुकांत किराडू, संपादक किरण राजपुराेहित आदि उपस्थित थे। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहरवासी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में कवियों ने देश के वर्तमान हालात पर हास्य कटाक्ष करते हुए लोगों को मंत्र मुग्ध किया। इनमें हमारे नागौर जैसी संस्कृति सौहार्द कहीं ओर नहीं, देश के सैनिकों की शहादत, बेटी बचाओं, नारी शक्ति तथा राजनैतिक लिहाज से राजनेताओं की वास्तविक स्थित से रू-ब-रू करवाया।

कवि आनंद वी आचार्य की जमी आसमान खरीद सकता हूं, मेरी खुशियां अगर बिकती हो, तेरे गम खरीद सकता हूं..., जैसी कई कविताएं गजलों से लोगों को देर रात तक बैठे रहने पर मजबूर होना पड़ा।

कवयित्री मनीषा आर्य सोनी ने उन बेटियों पर के प्रति अपनी पंक्तियों से चिंता व्यक्त की जो बे टयंा किन्हीं कारणों से जन्म ले सकी। संजय आचार्य वरुण ने कविताओं के माध्यम से नागौर के वीर अमरसिंह राठौड़ की धरा को नमन किया। नारी शक्ति, 2012 के निर्भया मामले को पंक्तियों से लोगों को झकझोर दिया। आंचल में मां दूध आंखों में पानी लेकर जीती है.....। इस पर लोगों ने तालियों से उनकी पंक्तियों का स्वागत किया। इरशाद अजीज ने गजलों कविताओं के माध्यम से दाद बटोरी।

1970 के गीतों काे सराहा युवाओं ने

बीकानेरसे आए गीतकार मोहम्म्द इकबाल एम रफीक कादरी ने 1970 के गीतों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दी। ऐसे में युवाओं ने उन गीतों पर तालियों से उन कलाकारों का हौसला बढ़ाया। गायक मोहम्मद इकबाल ने कार्यक्रम में बैठे लोगों काे आश्रय चकित कर दिया। जब उन्होंने मेल फिमेल दोनों की आवाज में गीत प्रस्तुत किया। वहीं दूसरे गायक एम रफीक कादरी ने भी कई गीतों की प्रस्तुतियां दी।

नागौर में आयोजित कवि सम्मेलन में प्रस्तुति देते कवि।

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