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पार्षदों के बीच हाथापाई, बजट पारित

5 वर्ष पहले
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शहरके विकास के लिए शुक्रवार को एक अरब 85 करोड़ 92 लाख रुपए का बजट हो-हल्ला के बीच पारित तो हुआ लेकिन सत्तापक्ष और विपक्ष ने इस बजट पर एक मिनट चर्चा नहीं की। ये वही राशि है जो जनता और सरकार से वसूली और खर्च की जानी है बावजूद इसके सवाल उठाने वाला विपक्ष दूसरे मुद्दे पर हंगामा करता और सत्ता पक्ष के पार्षदों ने भी बजट पर चर्चा करना मुनासिब नहीं समझा। इससे इतर दूसरे मुद्दों को लेकर भाजपा-कांग्रेस पार्षदों के बीच जरूर मामला हाथा-पाई तक पहुंच गया। जिला परिषद के सभागार में 20 मिनट चली हंगामेदार के बीच दो प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास कराकर बैठक खत्म कर दी। इसके बाद कांग्रेस पार्षदों ने महापौर को सभागार से बाहर नहीं निकलने दिया। आधे घंटे बाद महापौर से वार्ता की मांग पर सभा कक्ष के बाहर कांग्रेसी पार्षद धरने पर बैठ गए। मौका पाकर महापौर रवाना होने लगे तो कांग्रेसी पार्षदों ने गाड़ी को घेर लिया और नारेबाजी की।

बैठक की शुरुआत में वरिष्ठ उद्घोषक चंचल हर्ष और लांसनायक हनुमनथप्पा के निधन पर दो मिनट मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद महापौर नारायण चौपड़ा ने जैसे ही बजट भाषण पढ़ना शुरू हुआ वैसे ही पार्षद आदर्श शर्मा और कांग्रेस के जावेद पडि़हार ने सीवरेज, एलईडी लाइट सहित अन्य मुद्दों पर भी मीटिंग में चर्चा की बात उठाई। इसके साथ शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप का दौर मीटिंग खत्म होने तक चलता रहा। कांग्रेसी पार्षदों ने महापौर को टाटा सफारी गाड़ी में बैठा दिखाते हुए ‘भाड़ में जाए जनता, अपना काम तो बनता...’ के बैनर को खाेल दिया। इस पर बीजेपी के पार्षद ताहिर हुसैन शिवकुमार रंगा ने बैनर छीनने का प्रयास किया तो कांग्रेस के जावेद पडि़हार, नंदू गहलोत सहित अन्य लोगों में हाथापाई हुई।

टाटा सफारी में बैठे महापौर, ‘भाड़ से जाए जनता, अपना काम तो बनता...’ बैनर जिला परिषद सभागार में चल रही बैठक में कांग्रेस पार्षदों ने टेबल पर खड़े होकर लहराया। इससे पहले कांग्रेस के पार्षदों ने एलईडी, सीवरेज सहित समस्याएं कागजों पर लिखकर महापौर के सामने लहराए और इन मुद्दों पर चर्चा करने का आग्रह किया। कांग्रेस के साथ बैठे निर्दलीय पार्षद आदर्श शर्मा ने माइक का तार कटे होने पर महापौर के सामने नाराजगी जताई।

^कांग्रेस के पार्षदों को शहर में हो रहे विकास पर एतराज है। वे विकास को पसंद नहीं करते। इसीलिए हर बार विकास की बात आते ही विरोध शुरू कर देते हैं। कुछ पार्षद खुद भ्रष्टाचार में लिप्त है। इसलिए बचने के लिए ऐसी हरकतें कर रहे हैं। यह सब सदन की गरिमा के खिलाफ है। अब हम उन पर कार्रवाई पर निर्णय लेंगे।

नारायणचौपड़ा, महापौर नगर निगम बीकानेर

^महापौरजानबूझ कर विकास के कामों में अड़गा लगा रहे हैं। 13वें और 14वें वित्त आयोग से आई राशि निगम के खातों में पड़ी है। वार्डों में विकास कार्यों के टैंडर हो चुके हैं लेकिन कार्यादेश जारी कर नहीं जा रहे। नगर निगम तीन गाड़ियां खरीदने की तैयारी कर रहा है लेकिन शहर के लिए जरूरी काम नहीं करवा रही।

जावेदपडि़हार, नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम बीकानेर

नगर निगम ने वर्ष 2016-17 के लिए एक अरब 85 करोड़ 92 लाख 23 हजार रुपए का बजट पारित कर दिया। यह बजट पिछले वर्ष के बजट से 60 करोड़ रुपए अधिक है। इस बजट में नगर निगम में महापौर आयुक्त के लिए 28 लाख रुपए की दो गाड़ियां खरीदने के प्रस्ताव को भी पारित किया गया। विदित रहे कि वर्ष 2015-16 का बजट एक अरब 21 करोड़ 78 लाख 77 हजार रुपए था।

नगर निगम की बजट मीटिंग में बजट कॉपी फाड़कर उछालते कांग्रेस निर्दलीय पार्षद।

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