सांस्कृतिक कार्यक्रम ने मन मोहा
बीकानेर | श्रीजुबली नागरी भंडार के 109वें स्थापना दिवस पर दो दिवसीय कार्यक्रम शुक्रवार को नागरी भंडार में शुरू हुआ। समारोह के पहले दिन संगीत भारती के कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने आगंतुकों का मन मोह लिया। किसनाराम प्रजापत ने नाम हरि का जपले, भव्य सोन ने बड़ी देर भई नंदलाला...प्रतिभा तरफदार ने मैली चादर आढ़ के कैसे...भजनों की तान छेड़ी तो श्रोता भी साथ गुनगुनाने को मजबूर हो गए। मोहनलाल शर्मा, जयश्री तरफदार, चंद्रशेखर, सांवरिया, महावीर प्रसाद शर्मा ने भक्ति रचनाओं की प्रस्तुति दी। नृत्यों की प्रस्तुतियों ने भी आगंतुकों काे मंत्रमुग्ध कर दिया। वैन्या मित्तल, अमृताराणा, जिज्ञासा गुप्ता, युक्ति भार्गव, भूमिका पंवार, अनुष्का मारु, यष्वी गाडोदिया, मूमल राजपुरोहित, मोनिका प्रजापत, जयश्री तरफदार, विमला आर्य आदि कलाकारों ने नृत्यों की प्रस्तुति दी। इस मौके पर संचालक राजाराम स्वर्णकार ने बसंत की महत्ता पर प्रकाश डाला। मुरली मनोहर के. माथुर, कमल रंगा, अशफाक कादरी, शंकर लाल स्वामी, मोहनलाल मारु, चंद्रशेखर जोशी, बृजरतन जोशी आदि सहभागी बने। विद्यासागर आचार्य के अनुसार शनिवार को शाम 4.30 बजे नागरी भंडार में कवि सम्मेलन होगा। उर्दू, हिन्दी, राजस्थानी के कवि शायर अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे।
नागरी भंडार में आयोजित कार्यक्रम में नृत्य की प्रस्तुति देती बालिकाएं।
कलाकरों काे दिए
स्मृति चिह्न
कार्यक्रममें अतिथियों ने कलाकारों को स्मृति चिह्न दिए। मुख्य अतिथि चेन्नई के पंडित जमनादास सेवग, विशिष्ट अतिथि मुंबई के फिल्मकार मंजूर अली चंदवानी, भवानीशंकर व्यास विनोद, विद्यासागर आचार्य, डॉ. गिरिजा शंकर शर्मा, मुरारीलाल शर्मा, नंदकिशोर सोलंकी ने कलाकारों को स्मृतिचिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। मुरारी शर्मा कल्पना शर्मा के निर्देशन में संगीत नृत्य के कार्यक्रम हुए।