आईजी आलोक वशिष्ठ ने संभाला पदभार
भरतपुर| रेंजमें हार्डकोर अपराधियों पर शिकंजा कसा जाएगा। सभी जिलों से प्रमुख आपराधिक दो समस्याओं को चिन्हित कर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उसी के आधार पर काम किया जाएगा। ये बात जयपुर से स्थानांतरण होकर आए आईजी आलोक वशिष्ठ ने बुधवार को पदभार संभालने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि परिवादियों की थाने स्तर पर ही सुनवाई होनी चाहिए, इससे उन्हें तुरंत राहत दी जा सके। वह स्वयं भी परिवादियों की बात सुनेंगे और कार्रवाई की जाएगी। अपराधों पर नियंत्रण पेंडेंसी पर साल की शुरुआत से ही ध्यान दिया जाना चाहिए, इससे आमजन को राहत मिलेगी। अनुसंधान अधिकारियों की कमी से रेंज में पेंडेंसी अधिक है, लेकिन अब पदोन्नति का दौर चल पड़ा है। इससे अनुसंधान अधिकारियों की कमी नहीं रहेगी और पेंडेंसी निश्चित कम होगी। रेंज चुनौतीपूर्ण है, लेकिन हार्डकोर अपराधियों पर शिकंजा कसे जाने पर अपराधों का ग्राफ कम होगा। अपराध होने से पहले ही उनकी रोकथाम के लिए मुखबिर तंत्र को पुख्ता किया जाएगा।