महिला के मरने के बाद भी हो गई रजिस्ट्री
भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़
शहरमें दो महिलाओं की बेशकीमती जमीन की एक व्यक्ति द्वारा षडयंत्र पूर्वक अपने नाम रजिस्ट्री करा लेने का मामला सामने आया है। जबकि इन महिलाओं में से एक महिला की सात दिन पहले ही मौत हो चुकी थी। मृतका के पुत्र द्वारा दायर परिवाद पर कोर्ट ने पुलिस से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है।
गंभीरी नदी की पश्चिम दिशा में चामटीखेड़ा में शकुरनबाई प|ी नूर मोहम्मद, उसकी देवरानी जमीला बीबी जेठानी चांदबाई के नाम पर नए आराजी नंबर 2722,2799,2802 2804 में 12 बीघा तीन बिस्वा जमीन है। इसमें तीनों नाम पर एक तिहाई, एक तिहाई हिस्सा खातेदारी रहा। शकुरनबाई जमीला बीबी का संयुक्त रूप से दो तिहाई हिस्से पर कब्जा रहा। इन दोनों ने जमीन के लिए 18 जनवरी, 1989 को कमल किशोर पुत्र तोताराम गुप्ता के नाम पर पावर आॅफ अटार्नी लिखी थी। शकुरनबाई के पुत्र शफी मोहम्मद का कहना है कि गुप्ता ने इसका दुरुपयोग करते हुए जमीन का स्वयं के नाम विक्रयनामा तैयार कर गत 6 अगस्त, 2015 को रजिस्ट्री करा दी। जबकि इससे पहले ही 30 जुलाई को शकुरनबाई का निधन हो गया था। परिवादी ने तीन नवंबर को कोतवाली में इसकी रिपोर्ट दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई तो न्यायालय में इस्तगासा दिया। पुलिस ने गुरुवार की पेशी पर भी प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश नहीं की, इस पर कोर्ट ने 18 फरवरी की तारीख दी।