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सरपंच रहीं मां-बेटी ने रिश्तेदारों को नियम विरुद्ध बांटी पेंशन, जांच के बाद चुपचाप जमा कराई राशि

4 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़

सरपंचरहीं मां-बेटी ने सामाजिक सुरक्षा योजना में कई अपात्र लोगों को पेंशन स्वीकृत करवा दी। अपने ससुर को भी 33 बीघा जमीन का मालिक होते हुए पेंशन दिला दी। आर्थिक रूप से संपन्न 58 वर्ष से कम उम्र के ऐसे कई लोगों को पेंशन बांट गई, जो पात्र नहीं थे। जांच में सरकारी तंत्र की मिलीभगत भी सामने आई। इसके बाद पीपीओ रद्द किए गए। जिन लोगों ने पेंशन उठाई उन्होंने चुपचाप राशि वापस राजकोष में जमा करा दी। इसके बाद भी दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

मामला राशमी पंस की सांखली ग्राम पंचायत का है। इसमें जिला परिषद से पूर्व सरपंच उदीबाई अहीर, वर्तमान सरपंच पारसदेवी अहीर, तत्कालीन बीडीओ राजेंद्रप्रसाद निमेष, एईएन सूर्यप्रकाश जारवाल, ग्राम सेवक मोहनलाल रैगर, कनिष्ठ लिपिक पदेन सचिव किशनलाल अहीर पटवारी को नोटिस जारी किए गए। परिवादी सीकेएसबी के डायरेक्टर पृथ्वीपालसिंह चुंडावत ने दोषियों पर कार्रवाई के लिए लोकायुक्त में शिकायत की थी। कलेक्टर ने राशमी एसडीएम से जांच कराई। पूर्व सरपंच उदीबाई के समय दस व्यक्तियों को गलत तरीके से पेंशन स्वीकृति के बाद मौजूदा सरपंच पारसदेवी अहीर ने फिर दो और व्यक्तियों को गलत तरीके से पेंशन स्वीकृत कर दी। गौरतलब है कि वर्तमान सरपंच पारसदेवी पूर्व सरपंच उदीबाई की ही बेटी हैं।

गड़बड़ी खुली तो जमा... मामलाउजागर होने के बाद संबंधित लोगों ने उठाई गई पेंशन की पूरी राशि करीब 50 हजार रुपए वापस राजकोष में बैंक चालान से जमा करा दी। इस बात का उल्लेख तत्कालीन सचिव मोहनलाल रैगर ने सीईओ को दिए अपने प्रत्युतर में किया।

^इस मामले में कलेक्टर का आदेश मिला है। फाइल देख रहा हूं। किन किन के खिलाफ एफआईआर करानी है। उसकी स्टडी चल रही है। सोमवार तक एफआईआर करा देंगे। नरेंद्रआचार्य, बीडीओ राशमी

नोटिस के ये दिए जवाब...

^ग्रामपंचायत द्वारा लाभार्थी के दस्तावेजों पर टिप्पणी के बाद फाइल तहसीलदार को अवलोकन आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी जाती है। उनके यहां से जांच अनुशंसा के साथ वापस बीडीओ कार्यालय को आई। पंस में संबंधित लिपिक पेंशन शाखा प्रभारी की अनुशंसा के बाद मेरे द्वारा इन दस पेंशनरों को पेंशन स्वीकृत की गई थी। इसमें गलत नीयत आशय नहीं था। गलत स्वीकृति की शिकायत मिलते ही तत्काल पेंशन बंद भी बंद करा दी थी। राजेंद्रकुमार निमेष, तत्कालीन, बीडीओ

^भूमिसंबंधी रिपोर्ट पटवारी अन्य बिन्दूओं की जांच ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव द्वारा की गई थी। सूर्यप्रकाशजारवाल, तत्कालीन एईएन, राशमी

इनके भी निकली गडबड़ियां

सांखलीके चुनीलाल पुत्र भागू अहीर, श्यामूबाई प|ी चुन्नीलाल अहीर, रतन पुत्र भागू अहीर,जानी पतनी रतनलाल अहीर की भी उम्र 60 से कम थी, लेकिन पेंशन फार्म में 60 वर्ष दर्शाई गई। सरपंच उदीबाई ने मतदाता पहचान पत्रों की असल प्रतियों से मिलान किए बिना ही पेंशन स्वीकृति की अभिशंसा कर दी।

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