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नगरपालिका की अपील खारिज, देना पड़ी डिक्री

5 वर्ष पहले
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सूर्य नमस्कार 15 को

भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़

अपनी ही किरायेदार व्यापारी की दुकान पर जाकर तोड़फोड़ करने के एक चर्चित मामले में अधीनस्थ न्यायालय द्वारा पारित डिक्री आदेश के खिलाफ कपासन नगरपालिका की अपील हाइकोर्ट में खारिज हो गई। नपा को बतौर हर्जाना 56 हजार रुपए का चेक देना पड़ा।

मामले के अनुसार कपासन नगरपालिका ने वर्ष 1992 में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान बस स्टैंड स्थित शरद होटल को ध्वस्त कर दिया था, जबकि यह दुकान खुद नपा ने ही किराए पर दी थी और उसका अग्रिम किराया भी जमा था। तत्कालीन एसडीएम रेखा गुप्ता सहित डीएसपी, एसएचओ मय पुलिस जाब्ते के साथ नपा के दस्ते ने होटल में तोड़फोड़ की और सामान यहां तक कि जमीन की खुदाई कर मिट्टी भी ले गए। बिना कानूनी प्रक्रिया नोटिस के इस कार्रवाई को लेकर दुकानदार हस्तीमल चंडालिया ने अधिकारियों सहित 17 जनों के खिलाफ एडीजे कोर्ट में वाद दायर किया। कोर्ट ने प्रतिवादियों को नुकसान के लिए जिम्मेदार मानते हुए वसूली की डिक्री जारी की। इसके खिलाफ नगरपालिका ने हाइकोर्ट में अपील की। हाइकोर्ट ने अपील खारिज करते हुए डिक्री को बरकरार रखा। नपा ने 56 हजार 160 रुपए के चेक से चंडालिया को भुगतान किया।

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