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जिले में 12 सरपंचों सहित 15 जनप्रतिनिधि जांच के दायरे में

7 वर्ष पहले
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चित्तौड़गढ़. हाल के पंचायतीराज चुनाव में संदिग्ध पात्रता वाले निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की प्रारंभिक जानकारी जिला प्रशासन ने सरकार को भेज दी है। इसमें एक प्रधान एक पूर्व प्रधान सहित करीब एक दर्जन सरपंचों के दस्तावेज जांच के दायरे में हैं।

पंचायतीराज में नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के विरूद्व फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज प्रस्तुत करने दो से अधिक संतान होने संबंधी शिकायतों पर गुरुवार को ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने सभी जिलों से एक फारमेट में सूचना मांगी थी। इस आदेश की तत्काल पालना में जिला निर्वाचन विभाग ने सभी एसडीएम से आई सूचना के आधार पर शुक्रवार को 12 सरपंचों, एक प्रधान, एक पंस सदस्य और एक वार्डपंच के संबंध में मिली शिकायत का विवरण राज्य सरकार को भेज दिया।
निर्धारित फोरमेट में शिकायत की तिथि, शिकायतकर्ता का नाम, जनप्रतिनिधि का पद, ग्राम पंचायत, पंचायत समिति के साथ ही शिकायत का विवरण मांगा था। इस बीच चार पंचायतों में पुनमर्तगणना कराने की मांग के संबंध में न्यायालय में रिट दायर होने की जानकारी भी आई है।

^पंचायतीराज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के खिलाफ प्राप्त शिकायतों के बारे में सरकार द्वारा मांगी गई सूचना निर्धारित प्रपत्र में भिजवा दी गई है। सुरेशचंद्र, एडीएम चित्तौड़गढ़

क्या रही शिकायतें: सरपंचोंसहित अन्य निर्वाचित प्रतिनिधियों के खिलाफ ज्यादातर शिकायत फर्जी टीसी पेश करने, मार्कशीट में कांट फांस करने संतान अधिक होने के संबंध में शिकायते की गई है।

भदेसर प्रधान नेता प्रतिपक्ष दोनों जांच के दायरे में

प्रशासनकी ओर से सरकार को भेजे गए प्रपत्र में भदेसर प्रधान लालसिंह के संबंध में दसवी पास का फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की शिकायत इसी पंस के सदस्य पूर्व प्रधान गोविंदसिंह के 1995 के बाद दो संतानें होने के संबंध में प्राप्त शिकायत की रिपोर्ट भेजी गई। गौरतलब है कि भदेसर में प्रधान चुनाव में भाजपा से लालसिंह कांग्रेस से गोविंद सिंह आमने-सामने रहे हैं।

इन सरपंचों के खिलाफ आई शिकायतें

जिलाप्रशासन की ओर से जिन सरपंचों के खिलाफ प्राप्त शिकायत की सूचना सरकार को भेजी गई, उसमें चित्तौडगढ पंस की ग्राम पंचायत शंभूपुरा की सरपंच चंदादेवी जाट, कपासन पंस की सुरपुर सरपंच सीमा जाट, करजाली की सरपंच शांतादेवी जाट, राशमी पंस की ग्राम पंचायत सांखली की सरपंच कंकूदेवी सुहालका मरमी की सरपंच रामगनी, बेगूं पंस की खेडी पंचायत की सरपंच मदनी, भदेसर पंस की खोडीप की सरपंच संपतदेवी खटीक, बडीसादडी में केवलपुरा की सरपंच ललिता, निम्बाहेडा में लसडावन की सरपंच पारसदेवी जाट, भूपालसागर में उसरोल की सरपंच विष्णुकंवर, डूंगला में बडवाई सरपंच मांगीदेवी अहीर, भैसरोडगढ में जवाहरनगर पंचायत के सरपंच नंदलाल मीणा डूंगला पंस की पंचायत नोगांवा की वार्डपंच सुगना गुर्जर शामिल है। इनमें से एक को छोड़कर शेष सभी महिला जनप्रतिनिधि है।

चित्तौड़गढ़. नवनिर्वाचित सरपंचों के खिलाफ शिकायतों के दौर में शुक्रवार को बेगूं तहसील की बरनियास पंचायत के सरपंच के खिलाफ भी फर्जी अंकतालिका के सहारे चुनाव लड़ने की शिकायत करते हुए ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में आकर ज्ञापन सौंपा।
बरनियास के मांगीलाल कुमावत, जगदीश, जयदीप चौधरी, महेंद्रकुमार, गोपाललाल जाट, रामेश्वरलाल जटिया, कैलाश जाट आदि लोगों ने ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कितियास निवासी सरपंच शंभूलाल सातवीं फेल है, लेकिन उन्होंने आठवीं पास की फर्जी अंकतालिका पेश की।
ज्ञापन के अनुसार शंभूलाल की आठवीं की अंकतालिका मयूर बाल माध्यमिक स्कूल कोटा की है, जो फर्जी है। शंभूलाल ने सातवी के बाद स्कूल से टीसी भी प्राप्त नहीं की। बिना टीसी के अन्य किसी स्कूल में प्रवेश नहीं लिया जा सकता है। एक ही समय में दो जगह अध्ययन करना संभव नहीं है। ज्ञापन में कार्रवाई की मांग की।