बिनोता की हैं बीएमडब्ल्यू कार की विजेता अंबादेवी
भास्कर न्यूज | बिनोता/िचत्तौड़गढ़
तीससाल पहले पति का निधन हो गया। तब सिर्फ एक बेटी 11 साल की थीं। कोई बेटा नहीं हुआ। मेहनत-मजदूरी कर उसे पाला पौषा और शादी करा दी। इसके बाद कुछ साल अकेली गांव में छोटे-मोटे काम कर जीवन बीताती रही। ऐसे में कभी कल्पना भी नहीं की कि बीएमडब्ल्यू जैसी लग्जरी कार की मालिक बनेगी।
कल्पना से परे यह सच्चाई आई 59 वर्षीय महिला अंबा कंवर पंवार के जीवन में। दैनिक भास्कर की सबसे बड़ी प्रतियोगिता जीतो 10 करोड़ की इनामी योजना का बंपर प्राइज बीएमडब्ल्यू कार उदयपुर की जिस अंबा कंवर के नाम खुला, वो मूलतया चित्तौड़गढ़ जिले के बिनोता गांव की रहने वाली है। तीस साल पहले पति बद्री सिंह पंवार का निधन होने के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उसी के ऊपर गई। हालांकि बिनोता में ही पीहर होने से मां भाइयों का प्रेम और सहारा साथ रहा, फिर भी जीवनभर मेहनत-मजदूरी की। इकलौती संतान बेटी शांता कंवर का विवाह उदयपुर निवासी कानसिंह के साथ कराया। अकेले रहने के कारण दामाद बेटी के आग्रह पर कुछ साल पहले बेटी के साथ उदयपुर रहने लगी। हालांकि अब भी कभी-कभार गांव बिनोता आती जाती है। दैनिक भास्कर का बंपर प्राइज अंबा के नाम पर खुलने की खबर पता चलते ही परिवार रिश्तेदारों के साथ बिनोता में पड़ोसी गांव वाले भी काफी खुश हुए। खासकर इसलिए भी कि जिस महिला ने पूरा जीवन संघर्ष में बिताया, ईश्वर ने उसे इस रूप में इनाम दिया। बेटी शांता ने बताया कि मां ने बड़ा संघर्ष कर मेरी परवरिश और शादी की। वह आज भी सिलाई करती हैं।
पहली पसंद भास्कर का सुविचार
मात्रतीसरी कक्षा तक पढ़ी अंबा कंवर 10 साल से भास्कर की नियमित पाठक हैं। उन्होंने कहा कि मेरे दिन की शुरुआत इसी से होती है। मैं पहले पन्ने पर सबसे ऊपर आने वाला सुविचार पढ़ती हूं। अंबा कंवर ने बताया कि निष्पक्ष सकारात्मक खबरें पढ़ने से दिन अच्छा निकलता है। दामाद कान सिंह का कहना है कि भास्कर की नो निगेटिव थीम समाज को नई दिशा देने का काम कर रही है।
भगवानके आगे रखी थी नामों की चिट
बेटीशांतादेवी ने बताया कि नवंबर 2014 में उदयपुर रोटरी मेले में मेरे नाम लिए 40 रुपए के टिकट पर प्रथम पुरस्कार खुला था। इस बार भास्कर का कूपन भरते समय नाम भरने से पहले घर के सदस्यों के नामों की चिट मंदिर में भगवान के सामने रखी थी। इसमें पहली चिट मां अंबादेवी के नाम की निकली तो तय कर लिया कि उन्हीं के नाम से कूपन भरेंगी।
अंबा देवी ने बताया कि प्राइज जीतने का सबसे पहला फोन नातिन पूजा के पास आया। एकबारगी उसे लगा कि फेक कॉल है, तो काट दिया। दोबारा काॅल आने पर पूरी जानकारी ली तो पूरा परिवार खुशी से झूम उठा।
भास्कर की जीतो दस करोड़ योजना का बंपर प्राइज जीतने पर जश्न मनाते विजेता अंबादेवी पंवार परिजन।